दिघलबैंक (किशनगंज) से नरेंद्र कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
SSB Nepal APF Joint Patrolling: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले की भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और द्विपक्षीय कड़ियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान चलाया गया है. एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की 12वीं वाहिनी की बी कंपनी दिघलबैंक के जवानों ने पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) के साथ मिलकर सीमावर्ती संवेदनशील इलाकों में सघन संयुक्त पेट्रोलिंग की. इस विशेष मार्च के दौरान दोनों मित्र देशों के सैन्य कप्तानों ने सीमा प्रबंधन, त्वरित सूचना तंत्र की बहाली और अवांछित गतिविधियों के विरूद्ध कनिष्ठ स्तर से लेकर उच्च स्तर तक आपसी समन्वय मजबूत करने पर बल दिया.
मानव तस्करी और मादक पदार्थों की आमद पर रहेगी पैनी नजर; साझा किए इनपुट
इस संयुक्त फ्लैग मार्च और सुरक्षा कमान की मुख्य कड़ियां बेहद महत्वपूर्ण हैं. दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के साझा पेट्रोलिंग अभियान का मुख्य फोकस ‘नो मैन्स लैंड’ प्रक्षेत्र के समीप शांति व्यवस्था बनाए रखना और उपद्रवी तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है.
अधिकारियों की बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) सिंडिकेट को ध्वस्त करने, प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खेप, मवेशी तस्करी तथा अन्य गैरकानूनी विसंगतियों पर जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करने का विधिक संकल्प लिया गया. इसके लिए सीमा के दोनों ओर खुफिया इनपुट के त्वरित लाइव आदान-प्रदान की व्यवस्था मुस्तैद की गई है.
“भारत-नेपाल सीमा की संप्रभुता और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. अंतरराष्ट्रीय कड़ियों और सीमा प्रक्षेत्र में किसी भी प्रकार की सुरक्षा लापरवाही या कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीमा पार होने वाली किसी भी संदिग्ध हलचल पर नकेल कसने के लिए एसएसबी के कनिष्ठ व वरिष्ठ जवान 24 घंटे लाइव पेट्रोलिंग और आधुनिक थर्मल कैमरों के साथ मुस्तैद हैं.”
— मनोज कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट, बी कंपनी (दिघलबैंक)
SSB Nepal APF Joint Patrolling: सीमावर्ती नागरिकों में बढ़ा सुरक्षा का भाव; सौहार्द बनाए रखने की पहल
एसएसबी कप्तानों के अनुसार, सीमावर्ती रिहायशी प्रक्षेत्रों में इस तरह की नियमित संयुक्त पेट्रोलिंग से न केवल रणनीतिक सुरक्षा मजबूत होती है, बल्कि दोनों देशों के कनिष्ठ सुरक्षा बलों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारा और कार्यसाधक सहयोग भी बढ़ता है. इससे असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त होते हैं.
इस बीच, सीमा पर तैनात दोनों देशों के जवानों को स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, किसानों और कली-मजदूरों का भी भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है. ग्रामीणों ने इस संयुक्त गश्त अभियान की पुरजोर सराहना की है. उनका कहना है कि इस मुस्तैदी से सीमावर्ती गांवों में शांति, सुरक्षा और सदियों पुराना आपसी सौहार्द बना रहेगा तथा लोग बिना किसी भय के अपनी दैनिक आजीविका संधारित कर सकेंगे.
