किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बिजली की अनियमित आपूर्ति और बार-बार हो रही कटौती से उपभोक्ताओं की समस्याएं काफी बढ़ गई हैं. दिन हो या रात, रह-रहकर बिजली गुल होने से जहां एक ओर लोग इस भीषण उमस भरी गर्मी में हलकान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू व व्यावसायिक कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
बच्चों की पढ़ाई ठप, रतजगा करने को मजबूर लोग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. रात के समय बार-बार बिजली कटने के कारण लोगों की नींद उड़ गई है और वे रतजगा करने को विवश हैं. वहीं, इस अनियमित कटौती के चलते स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में खासा आक्रोश व्याप्त है.
दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ, उपकरणों के खराब होने का डर
बिजली की आंख-मिचौली के कारण स्थानीय बाजार के दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है. बिजली न रहने पर दुकानदारों को जनरेटर और इनवर्टर का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. इसके अलावा लो-वोल्टेज और अचानक से आने-जाने वाली सप्लाई से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जलने व जलने का खतरा लगातार बना रहता है.
जर्जर तारों की मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है. उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए. लोगों ने कहा कि विभाग को फॉल्ट की निगरानी, जर्जर तारों की अविलंब मरम्मत और ट्रांसफार्मरों की क्षमता की जांच कर आपूर्ति दुरुस्त करनी चाहिए. उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे विभागीय कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
