पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना परिसर स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन काली मंदिर प्रांगण में भजन संध्या एवं विशाल भंडारे का आयोजन बड़ी ही श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है. इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में स्थानीय एवं आसपास के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता काली और भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन किया तथा सुख-समृद्धि की कामना की.
भक्ति भजनों पर देर रात तक झूमते रहे श्रद्धालु
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देर शाम आयोजित भजन संध्या रही. इस दौरान आमंत्रित कलाकारों ने भगवान शिव, माता पार्वती, हनुमान जी और मां काली के एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों एवं भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं.
भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में गोते लगाते दिखे. पूरा मंदिर प्रांगण 'हर-हर महादेव', 'ॐ नमः शिवाय' और 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा.
प्राचीन मंदिर परिसर में राम दरबार और बजरंगबली भी हैं स्थापित
उल्लेखनीय है कि दिघलबैंक थाना परिसर में स्थित यह ऐतिहासिक काली मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है. मंदिर प्रांगण में मां काली के अलावा:
- भगवान शिव मंदिर
- श्री राम दरबार
- हनुमान जी का भव्य मंदिर
स्थापित हैं, जहां वर्षभर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहते हैं.
भंडारे का आयोजन व आपसी सौहार्द का संदेश
धार्मिक कार्यक्रम के तहत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया. आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्थानीय युवाओं ने विधि-व्यवस्था और व्यवस्था प्रबंधन में सराहनीय भूमिका निभाई.
आयोजकों ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भक्ति, साधना और सेवा का अवसर प्रदान करता है. इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारे, धार्मिक समरसता और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है.
