ठाकुरगंज छठ के दौरान दंड प्रणाम का अपना महत्व है, इस दौरान कुछ छठ व्रती कई कड़े नियमों का पालन करते हुए अपने घरों से छठ घाट तक पैदल आते है परन्तु ठाकुरगंज शहर को दो हिस्सों में बाटने वाली रेल लाइन को पार करने के दौरान इन छठ व्रतियो को कई तकलीफों का सामना करना पड़ा . बताते चले पूर्व के वर्षों में रेल पटरियों पर छठ के दिन तिरपाल बिछा दी जाती थी. जिससे दंड प्रणाम कर घाट पहुंचने वाले लोगो को काफी सहूलियत होती थी परंतु जब सोमवार की संध्या और मंगलवार को सुबह के अर्घ्य देने व्रती दंड प्रणाम करते गुजरे उस समय किसी ने इसकी सुधि न ली. जिसके कारण दंड प्रणाम कर घाट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी तकलीफ उठानी पड़ी.
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