पवित्र सावन माह की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर सीमांचल के ठाकुरगंज सहित पूरे किशनगंज जिले में आस्था और भक्ति का अनुपम माहौल देखने को मिला. सोमवार, 17 अगस्त को सावन की तीसरी सोमवारी के साथ नाग पंचमी का दुर्लभ धार्मिक संयोग बनने से इस दिन का आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया. अहले सुबह से ही हाथों में गंगाजल, कच्चा दूध, बेलपत्र, धतूरा और पूजन की थाली लिए श्रद्धालु भगवान आशुतोष के जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए शिवालयों की ओर उमड़ पड़े.
ऐतिहासिक हरगौरी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का तांता
ठाकुरगंज के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक हरगौरी मंदिर में तीसरी सोमवारी को लेकर विशेष चहल-पहल और आध्यात्मिक रौनक रही.
ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव और माता पार्वती के विग्रह का विधिवत जलाभिषेक किया तथा बेलपत्र, आक-धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर परिवार के सुख, शांति व आरोग्य की कामना की. मंदिर परिसर दिनभर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा.
तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के संयोग से बढ़ा धार्मिक महत्व
धार्मिक पंचांग के अनुसार सावन की तीसरी सोमवारी पर पंचमी तिथि का प्रभाव रहने से नाग पंचमी का पावन पर्व भी इसी दिन श्रद्धापूर्वक मनाया गया.
ज्योतिषाचार्यों और जानकारों के अनुसार सावन सोमवार और नाग पंचमी का एक साथ पड़ना शिवभक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. इस विशेष संयोग के चलते जिला मुख्यालय किशनगंज, ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज और दिघलबैंक सहित तमाम ग्रामीण अंचलों के शिवालयों को फूल-मालाओं और आकर्षक रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया था.
नदी घाटों से जल लेकर पहुंचे कांवड़िये, गूंजा 'बोल बम'
तीसरी सोमवारी पर कांवड़ियों और डाक-बम श्रद्धालुओं में भी अद्भुत ऊर्जा और उत्साह देखा गया. श्रद्धालुओं ने स्थानीय पवित्र नदी घाटों से विधि-विधान के साथ पात्रों में पवित्र जल भरा और नंगे पांव पैदल यात्रा करते हुए प्रमुख शिवालयों तक पहुंचे. कांवड़ियों के जत्थों द्वारा लगाए जा रहे जयकारों से यात्रा मार्ग का पूरा वातावरण शिवमय बना रहा. मंदिर प्रबंधन समितियों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने भीड़ नियंत्रण, जलाभिषेक और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सराहनीय योगदान दिया.
पूजा सामग्री और फल-फूल के बाजारों में रही भारी रौनक
धार्मिक अनुष्ठानों के चलते नगर के मुख्य बाजारों में रविवार शाम से ही व्यापक चहल-पहल देखी गई, जो सोमवार की दोपहर तक जारी रही. मंदिर परिसरों के आसपास स्थित दुकानों पर बेलपत्र, मदार के फूल, धतूरा, गाय का दूध, मिट्टी के नाग देवता की प्रतिमाएं, फल और अन्य पूजन सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही. सुबह से शाम तक गूंजते मंत्रोच्चार और घंटियों की कर्णप्रिय ध्वनियों के बीच समूचा इलाका देवाधिदेव महादेव की भक्ति में पूरी तरह लीन नजर आया.
