किशनगंज टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के झुनकी मुशाहरा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या एक स्थित आशा धापरटोला में रेतुआ नदी का कटाव लगातार ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है. नदी किनारे बसे इस टोले के लोग हर वर्ष बरसात के मौसम में भय और अनिश्चितता के बीच जीवन यापन करने को मजबूर है. ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 में आई बाढ़ और तेज कटाव के कारण दर्जनों परिवारों के घर रेतुआ नदी की गर्भ में समा गए थे. प्रभावित परिवार आज भी किसी तरह अस्थायी व्यवस्था के सहारे अपना गुजर-बसर कर रहे हैं. बावजूद इसके अब तक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. मुखिया प्रतिनिधि मंजर आलम, पूर्व पंचायत समिति सदस्य सुहाना परवीन, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि नासिद आलम, इस्माइल आलम, मोहम्मद मोजीब, मोहम्मद पेप्सू, शाहबाज आलम, साकिब आलम और मोहम्मद लतीफ सहित कई ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि बरसात से पूर्व कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया, तो इस वर्ष भी कई परिवारों का आशियाना नदी में समा सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव अब घरों के बिल्कुल समीप पहुंच चुका है और स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है. उन्होंने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर कटाव निरोधी कार्य कराने की मांग की है, ताकि आने वाले बरसात में संभावित नुकसान को रोका जा सके. फिलहाल पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है तथा लोग प्रशासन की पहल का इंतजार कर रहे हैं.
बरसात से पहले कटाव निरोधी कार्य कराने की मांग
टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के झुनकी मुशाहरा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या एक स्थित आशा धापरटोला में रेतुआ नदी का कटाव लगातार ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है
