मोंथा तूफान से धान की फसल हुई बर्बाद

क्षेत्र में लगातार रूक-रूककर हो रही बारिश से जहां जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है.

दिघलबैंक

चक्रवातीय मोंथा तूफान प्रखंड क्षेत्र में धान की फसल पर कहर बनकर टूटता दिखाई पड़ रहा है. पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और हवाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ ही किसानों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है. प्रखंड के लौहागाड़ा पंचायत तालगाछ, तालगाछ कामत, लौहागाड़ा, सतकौआ पंचायत के दोगिरजा, दोगिरजा शेरशाहवादी टोला, हरूवाडांगा, धनतोला, तुलसिया समेत कई गांवों के खेतों में तैयार धान की फसलें गिर गई हैं, जिससे किसानों में भारी बर्बादी की चिंता बढ़ गई है. वहीं, कटाई के बाद खेत में पड़े धान को भीगने से सबसे ज्यादा क्षति हुई है. हवा के झोंके ने खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है. किसानों की कई महीने की मेहनत पर बारिश का पानी फिर गया है.

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बारिश रूकने से लोगों ने ली राहत की सांस

प्रतिनिधि, ठाकुरगंज

प्रखंड क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद रविवार को बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. वहीं अब सोमवार से मौसम साफ होने का कयास लगाया जा रहा है. बताते चलें कि गुरुवार से जिला सहित प्रखंड क्षेत्र में लगातार रूक-रूककर हो रही बारिश से जहां जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. वहीं ग्रामीण इलाकों की कच्ची सड़कों पर जलजमाव के कारण सड़के कीचड़मय हो गई है. लोगों को कीचड़युक्त सड़क से आवागमन करने में काफी मुश्किल हो रही है. सड़कों की हालत इतनी बद से बदतर हो गई है कि सड़कों पर वाहन चलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. जिससे लोगों का संपर्क मुख्य सड़क से टूट चुका है. वहीं तीन दिनों से लगातार रूक-रूक कर बारिश होने से हाट बाजारों में लोगों का चहलपहल काफी कम हो गया था. जिसका प्रतिकूल असर लोगों के व्यवसाय पर भी देखा जा रहा है. दुकानों पर सामानों की बिक्री भी काफी कम हो गई है.

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By AWADHESH KUMAR

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