डीएम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव का किया सघन दौरा पौआखाली: जिलाधिकारी विशाल राज ने रविवार को ठाकुरगंज प्रखंड के सुदूरवर्ती और भारत-नेपाल सीमा से सटे बंदरझूला ग्राम पंचायत के भेंडरानी गांव का दौरा किया. यह दौरा जीवंत गांव कार्यक्रम के तहत भारत-नेपाल सीमावर्ती गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया. डीएम ने निर्धारित समय के अंदर विकास कार्यों को पूर्ण करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में कनेक्टिविटी, आधारभूत संरचना जैसे, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आजीविका के साधन पर्यटन, कृषि क्षेत्र को विकसित करना है ताकि ग्रामीण अपने गांवों में रुकें और यह गांव आत्मनिर्भर बन सकें. निरीक्षण में उन्होंने सीमावर्ती गांवों में सड़कों की स्थिति और हर घर नल का जल योजना की क्रियाशीलता, पीएम आवास योजना और स्वच्छता अभियान के तहत कचरा प्रबंधन की जानकारी ली. ग्रामीणों से सीधा संवाद के दौरान डीएम विशाल राज ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना. उन्होंने जोर देकर कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना और वहां के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है ताकि पलायन जैसी समस्याओं पर रोक लग सके. डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय सीमा का पालन हों, सभी चल रही योजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ संपन्न करें. निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के माध्यम से बंदरझूला जैसी पंचायतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है. गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम राज्य से इस महत्त्वकांक्षी योजना की शुरुआत की है और किशनगंज में भी उनके संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासनिक हलकों में गतिविधि तेज हो गई है. इस निरीक्षण के दौरान बीडीओ अहमर अब्दाली, मुखिया इकरामुल हक, प्रधान शिक्षक अब्दुल मल्लिक समेत ग्रामीण मौजूद थे.
चल रही योजनाओं को गुणवत्ता के साथ करें पूरा: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी विशाल राज ने रविवार को ठाकुरगंज प्रखंड के सुदूरवर्ती और भारत-नेपाल सीमा से सटे बंदरझूला ग्राम पंचायत के भेंडरानी गांव का दौरा किया
