धरना-प्रदर्शन के बाद कॉलेज में बड़ा फैसला, प्राचार्य अबरार आलम हटाए गए

किशनगंज के NMAC कॉलेज में छात्रों के कड़े आंदोलन के बाद प्राचार्य अबरार आलम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. आरोपों की जांच के बाद नई नियुक्ति हुई है.

किशनगंज, ठाकुरगंज. एमएच आजाद नेशनल कॉलेज में छात्रों के आंदोलन के बाद शासी निकाय ने बड़ा फैसला लिया है. कॉलेज के प्राचार्य अबरार आलम को तत्काल प्रभाव से प्राचार्य पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह प्रोफेसर हसीब आलम को प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. कॉलेज में कथित अनियमितताओं और बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर वसूली के आरोपों को लेकर पिछले दिनों छात्रों में आक्रोश था. मामले को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों ने आंदोलन किया था.

सोमवार को छात्रों ने किया था प्रदर्शन और पुतला दहन

सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों और स्थानीय लोगों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते हुए तत्कालीन प्राचार्य का पुतला दहन किया था. प्रदर्शनकारियों ने प्राचार्य को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी. प्रदर्शन में पूर्णिया से पहुंचे छात्र नेताओं के साथ स्थानीय सामाजिक लोग और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा.

कथित अनियमितताओं और वसूली के आरोपों को लेकर था आक्रोश

प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज में कथित अनियमितताओं और बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर वसूली का आरोप लगाया था. इन्हीं आरोपों को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ी और कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया. हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. मामले में आरोपों की जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई किस दिशा में होती है, इस पर अब छात्रों और स्थानीय लोगों की नजर रहेगी.

फोटो- नव नियुक्त प्रधानाचार्य को बधाई देते छात्र | Prabhat Khabar Network

राजद नेताओं ने भी की थी कार्रवाई की मांग

मामले में राजद नेताओं की ओर से भी कार्रवाई की मांग की गई थी. इसके बाद विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल की पहल के बाद शासी निकाय कमेटी ने प्राचार्य पद पर बदलाव का निर्णय लिया. शासी निकाय के फैसले के बाद अबरार आलम को प्राचार्य पद से हटाते हुए प्रोफेसर हसीब आलम को नई जिम्मेदारी दी गई है.

नये प्राचार्य के सामने कॉलेज की व्यवस्था सुधारने की चुनौती

प्रोफेसर हसीब आलम के प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उनके सामने कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू करने की चुनौती होगी. साथ ही छात्रों की शिकायतों और आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों के समाधान पर भी नए प्राचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. आंदोलन करने वाले छात्रों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कॉलेज में लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है.

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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