टेढ़ागाछ (किशनगंज). चिल्हनियां पंचायत सरकार भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई. जांच के बाद चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नि:शुल्क दवाइयां दी गईं. साथ ही पात्र लाभुकों के आयुष्मान भारत कार्ड भी बनाये गये.
77 मरीजों की हुई जांच, 10 को मिला आयुष्मान कार्ड
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि शिविर में कुल 77 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. जांच के बाद आवश्यक दवाइयां दी गईं. वहीं 10 पात्र लाभुकों का आयुष्मान भारत कार्ड बनाया गया.
पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा का उद्देश्य
डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि इस तरह के शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके पंचायत स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी बीमारियों के लिए दूर अस्पतालों का रुख न करना पड़े. उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की.
चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका
शिविर में डॉ नदीम आलम ने मरीजों की जांच की. फार्मासिस्ट धनंजय कुमार ने दवाइयां उपलब्ध कराईं. डाटा ऑपरेटर अरविंद कुमार ने आयुष्मान कार्ड निर्माण में सहयोग किया. एएनएम आरती कुमारी, अफसाना खातून, सविता कुमारी, आशा फेसिलिटेटर सहित सभी आशा कार्यकर्ताओं ने शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.
ग्रामीणों की रही अच्छी भागीदारी
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और स्वास्थ्य जांच, दवा तथा आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं का लाभ लिया. मौके पर पूर्व उपमुखिया आनंद कुमार ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि सुंदर कुमार मांझी सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे.
आयुष्मान भारत कार्ड: क्या है, क्या फायदा, कैसे बनता है
आयुष्मान कार्ड के फायदे
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलता है. इस कार्ड से लाभुकों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत मिलती है और अस्पताल में भर्ती होने पर खर्च सरकार वहन करती है.
आवश्यक दस्तावेज
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आमतौर पर निम्न दस्तावेज जरूरी होते हैं:
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
- मोबाइल नंबर
- परिवार पहचान से संबंधित दस्तावेज
- निवास प्रमाण पत्र (कुछ मामलों में)
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया
- पात्र लाभुक नजदीकी पंचायत, CSC सेंटर या स्वास्थ्य शिविर में आवेदन कर सकते हैं
- आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से ई-केवाईसी की जाती है
- पात्रता की जांच SECC डाटा या सरकारी सूची के आधार पर होती है
- सत्यापन के बाद डिजिटल आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है
- कार्ड को डाउनलोड कर या प्रिंट लेकर उपयोग किया जा सकता है
कौन बनवा सकता है कार्ड
सरकारी सूची में शामिल गरीब और वंचित परिवार इस योजना के पात्र होते हैं. इसके अलावा कुछ श्रेणियों में ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को भी इसका लाभ मिलता है.
