ठाकुरगंज (किशनगंज). स्वतंत्रता दिवस के पूर्व उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोथरा में बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधि आयोजित की गई. इसमें विद्यार्थियों ने रंगीन कागज से राखियां बनाईं और उन्हें तिरंगे के रंगों से सजाया. बच्चों ने उत्साहपूर्वक अलग-अलग डिजाइन तैयार कर अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
तिरंगे के रंगों से तैयार की आकर्षक राखियां
गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने केसरिया, सफेद और हरे रंग का इस्तेमाल कर राखियों को आकर्षक रूप दिया. बच्चों ने अपनी कल्पना के अनुसार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए. राखियों के जरिए उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशप्रेम की भावना को भी अभिव्यक्त किया.
रचनात्मकता के साथ राष्ट्रीय भावना को बढ़ावा
विद्यालय परिवार ने बताया कि गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक क्षमता विकसित करने के साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करना है. ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व और देश के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
किताबों से आगे भी है शिक्षा
शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है. बच्चों के हाथों में हुनर, आंखों में कल्पना और मन में देश के प्रति सम्मान पैदा करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. तिरंगे के रंगों से राखी बनाने की पहल बच्चों को राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को सहज तरीके से समझाने का माध्यम बनी.
बच्चों की राखियों ने बढ़ाई स्वतंत्रता दिवस की रौनक
विद्यालय में बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और खास बना दिया. विद्यालय परिवार ने कहा कि आज बच्चे तिरंगे को कागज पर सजा रहे हैं, उम्मीद है कि भविष्य में यही तिरंगा उनके विचारों, कर्मों और चरित्र में भी दिखाई देगा.
तिरंगा सम्मान, एकता और राष्ट्रगौरव की पहचान
विद्यालय परिवार ने कहा कि तिरंगा केवल कलाई पर सजने वाला रंग नहीं, बल्कि सम्मान, एकता और राष्ट्रगौरव की पहचान है. बच्चों की इस रचनात्मक पहल ने राष्ट्रीय पर्व के प्रति उनके उत्साह और देशभक्ति की भावना को भी उजागर किया.
