किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्ता वाले हरगौरी मंदिर में शनिवार से बंगला पंचांग के अनुसार पवित्र 'बंगला सावन' माह का भव्य शुभारंभ हो गया है. सावन के पहले ही दिन पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया. ब्रह्ममुहूर्त (तड़के) में जैसे ही मंदिर के पट खुले, भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. पवित्र गंगाजल, बेलपत्र और धतूरा लेकर पहुंचे भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना का यह सिलसिला देर शाम तक निरंतर जारी रहा.
125 वर्ष पुराना है इतिहास, खुदाई में मिला था दुर्लभ शिवलिंग
ठाकुरगंज का हरगौरी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे सीमांचल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का एक मजबूत स्तंभ है:
- दुर्लभ स्वरूप: स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 1897 में इस स्थल पर खुदाई के दौरान भगवान शिव और माता गौरी के संयुक्त स्वरूप वाली एक अत्यंत दुर्लभ और अलौकिक शिवलिंग की प्रतिमा प्राप्त हुई थी.
- प्राण-प्रतिष्ठा: इसके बाद 4 फरवरी 1901 को इस मंदिर में बाबा का विधिवत अनुष्ठान कर प्राण-प्रतिष्ठा की गई. तब से लेकर आज तक यहां नियमित सेवा-पूजा की परंपरा जीवंत है. इस ऐतिहासिक मंदिर का सीधा संबंध ठाकुरगंज नगर के विकास और यहां के प्रतिष्ठित ठाकुर परिवार के इतिहास से भी जुड़ा हुआ है.
चार राज्यों और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
हरगौरी मंदिर की महत्ता और बाबा के प्रति अटूट विश्वास का दायरा भौगोलिक सीमाओं को लांघ चुका है. बंगला सावन के पहले दिन ठाकुरगंज और किशनगंज के स्थानीय भक्तों के अलावा कई अन्य क्षेत्रों के शिवभक्तों ने यहां शीश नवाया:
- पड़ोसी राज्य: पश्चिम बंगाल (उत्तर दिनाजपुर, दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, इस्लामपुर) और असम से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे.
- अंतरराष्ट्रीय सीमा: नेपाल के तराई वाले सीमावर्ती इलाकों से भी सैकड़ों की तादाद में शिवभक्त जलाभिषेक करने ठाकुरगंज पहुंचे.
- संकल्प: उद्घाटन के विशेष दिन महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हर वर्ग के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कई भक्तों ने पूरे एक महीने तक चलने वाले इस बंगला सावन में नियमित व्रत और जलाभिषेक का कठिन संकल्प भी लिया.
सुख-समृद्धि और विश्व शांति की मांगी मन्नतें
पवित्र महीने के पहले दिन बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने आए श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ अनुष्ठान संपन्न किए. भक्तों ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवारों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, बच्चों की उन्नति के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे और विश्व शांति की मंगल कामना की.
बंगला सावन के आगाज के साथ ही पूरे ठाकुरगंज क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मंदिर कमेटी के सदस्यों और स्थानीय प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में (विशेषकर सावन के सोमवार को) उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन हो सकें.
