पहाड़कट्टा.पोठिया प्रखंड अंतर्गत मिर्जापुर पंचायत के जनता हाट में 54 वर्ष पुरानी बल्ला काली पूजा प्रत्येक वर्षो की भांति इस वर्ष भी आगामी 8 नवंबर को आयोजित की जाएगी.आदिवासी समुदाय के लोग ढोल-नगाड़े और आदिवासी महिलाओं और बालिकाओं के नृत्य का यहां काफी महत्व है. जिसकी तैयारी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ चल रही है.यह जानकारी मौके पर कमिटी के अध्यक्ष सोमरा पाहन,सचिव सह पूर्व मुखिया रोबिन शर्मा ने संयुक्त रूप से बुधवार को मौके पर दी है. उन्होंने बताया की जनता हाट स्थित बल्ला काली मंदिर में पहली दफा वर्ष 1971 में बल्ला काली मां की प्रतिमा स्थापित कर फूस के घर में पश्चिम बंगाल स्थित बालूरघाट निवासी लक्षु पहान,अमन मंडल की पहल पर पूजा शुरू की गई थी.तत्काल दोनों बालूरघाट से जनता हाट में बसे थे. फूस के मंदिर में पश्चिम बंगाल स्थित बिलातीबाड़ी से काली मां की प्रतिमा लाया जाता था,फिलहाल मां की मंदिर को पक्के का रूप दिया जा रहा है. तीन दिवसीय पूजा अनुष्ठान के साथ यहां मेला का भी आयोजन किया जाता है.जिसमे आदिवासी समुदाय के लोग इस मेला में पश्चिम बंगाल सहित इलाके के दूर-दराज से भक्तगण पहुंचते है. लोगों का आस्था है की जनता हाट बल्ला काली मंदिर में लोगों द्वारा मांगी गई मिन्नते पूरी होती है.यही कारण है की तीन दिवसीय अनुष्ठान में बड़ी संख्या में लोग मंदिर में माथा टेकने पहुंचते है. पोठिया थाना की ओर से सुरक्षा को लेकर पोठिया पुलिस जारी अनुष्ठान तक मौजूद रहते है.
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