किशनगंज देवउठनी एकादशी से शुरू होने वाले शादी-विवाह के मौसम के मद्देनजर जिले में विवाह शुरू हो गया है. इस स्थिति में बाल विवाह के खिलाफ मुहिम चला रहे गैरसरकारी संगठन जन निर्माण केंद्र ने जिला प्रशासन व जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है. संगठन ने जिला प्रशासन को भेजी गई चिट्ठी में कहा है कि जन-जन तक यह संदेश पहुंचाना आवश्यक है कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास किसी संभावित बाल विवाह की जानकारी है तो वह तत्काल पुलिस हेल्पलाइन (112), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या स्थानीय थाने को सूचित करे ताकि इस अपराध को रोका जा सके. संगठन ने जिला प्रशासन से सरपंचों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश देने की अपील की है. संगठन ने आज से ही गांवों और स्कूलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की अपील की. जन निर्माण केंद्र के निदेशक राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के अपने ऐतिहासिक फैसले में जिलों को बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा है. हम जिला प्रशासन से इस फैसले पर अमल करने की मांग कर रहे है. केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने भी वर्ष 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य के साथ 27 नवंबर 2024 को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी. आज हम बाल विवाह के खात्मे के मुहाने पर खड़े है. शुभ मुहूर्त का उपयोग बच्चों की शादी के लिए करते है. इसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि एक भी बाल विवाह नहीं होने पाए.
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