नशामुक्त भारत अभियान एवं 'मिशन स्पंदन' के तहत सोमवार को उच्च विद्यालय ठाकुरगंज के प्रांगण में एक दिवसीय नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं, युवाओं और स्थानीय लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया. उपस्थित जनसमूह ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया.
नशा से सामाजिक और आर्थिक नुकसान पर चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य चौपट होता है, बल्कि परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था पर भी इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए केवल व्यक्तिगत इच्छाशक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार और संपूर्ण समाज की सामूहिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. युवाओं से अपील की गई कि वे सकारात्मक और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें.
10 करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
यह आयोजन '10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान' के तहत संपन्न हुआ. अभियान के तहत जारी आधिकारिक पंपलेट के अनुसार, यह विशेष जागरूकता पखवाड़ा 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है.
- मुख्य संदेश: 'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' तथा 'जागरूक नागरिक, सशक्त समाज'.
- जनभागीदारी पर जोर: अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से हर नागरिक को कम से कम अन्य लोगों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
उच्च विद्यालय ठाकुरगंज में आयोजित इस चेतना कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग एवं शिक्षक उपस्थित रहे. प्रमुख रूप से रीतोश मिश्रा, शशि बाला, विकास पासवान, दीपक साह, विभाकर झा, अमीर फैसल अंसारी, रीता दास, राजेश कुमार गुप्ता, जकी अनवर, मुजफ्फर आलम, राजा ठाकुर, इशरत जहाँ, इमरान सागर सिंह, मोहम्मद रईस, राजकुमार गांधी, रणवीर सिंहा और मौसमी दास मौजूद रहे. सभी ने एक स्वर में इस जागरूकता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया.
