सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ करें काम

जिले में शिशु मृत्यु दर को शून्य की ओर ले जाने के लिए “स्टॉप डायरिया अभियान-2025” के अंतर्गत व्यापक रणनीति तैयार की गई है

किशनगंज जिले में शिशु मृत्यु दर को शून्य की ओर ले जाने के लिए “स्टॉप डायरिया अभियान-2025” के अंतर्गत व्यापक रणनीति तैयार की गई है. अभियान की सफलता सुनिश्चित करने को ले सोमवार को समाहरणालय में जिला स्तरीय कन्वर्जेंस मीटिंग का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री विशाल राज ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा शिक्षा, आईसीडीएस, जल-नल, नगर निकाय, समाज कल्याण और अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि डायरिया आज भी हमारे देश में शिशु मृत्यु का एक बड़ा कारण है. अगर हम समय पर ओआरएस और जिंक पहुंचा दें, स्वच्छता सुनिश्चित कर दें और लोगों को सही जानकारी दें, तो सैकड़ों बच्चों की जान बच सकती है. हमें यह अभियान कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए. उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ “मिशन मोड” में काम करें और जनता को इस अभियान से जोड़ें. सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान आशा और आंगनबाड़ी सेविकाएं हर घर जाकर बच्चों को ओआरएस और 14 जिंक गोलियों का वितरण करेंगी. हमारा लक्ष्य है कि एक भी बच्चा ओआरएस और जिंक से वंचित न रहे.

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Published by: Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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