किशनगंज: डुमरिया के कैलाश गोधाम में सजा एक दिवसीय कृषि मेला, पशुपालकों को मिले संतुलित पोषण के गुर

कैलाश गोधाम में आयोजित एक दिवसीय कृषि एवं पशुपालन मेले में पशुपालकों को संतुलित पोषण और आधुनिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे सही खान-पान से दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय में वृद्धि की जा सकती है.

सीमांचल के किशनगंज शहर अंतर्गत डुमरिया स्थित कृषि डेयरी केंद्र कैलाश गोधाम परिसर में शुक्रवार को एक दिवसीय कृषि एवं पशुपालन मेले का भव्य आयोजन किया गया. इस मेले में शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में पशुपालकों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक खान-पान के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित करना रहा. मेले में पहुंचे कृषिपालक कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने पशुपालकों को आधुनिक सप्लीमेंट्स, पोषक आहार और डेयरी प्रबंधन के उन्नत तौर-तरीकों की विस्तार से जानकारी दी, जिससे पशुपालकों की आय में ठोस इजाफा हो सके.

संतुलित आहार ही डेयरी व्यवसाय की रीढ़: विशेषज्ञ

मेले में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद कृषिपालक कंपनी के एरिया मैनेजर अशोक शर्मा और अनुराग शर्मा ने पशुपालकों को वैज्ञानिक खान-पान की बारीकियां समझाईं:

  • पोषक तत्वों की महत्ता: विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि डेयरी फार्मिंग में केवल पारंपरिक भूसा या हरा चारा देना ही पर्याप्त नहीं होता. दुधारू पशुओं को प्रोटीन, मिनरल, कैल्शियम और विटामिन्स की उचित खुराक मिलना अनिवार्य है.
  • कम लागत में अधिक मुनाफा: सही मात्रा में पोषण मिलने से गायों व भैंसों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे वे बीमारियों से बची रहती हैं. नतीजतन इलाज का खर्च घटता है और दूध की मात्रा के साथ-साथ फैट (FAT) व एसएनएफ (SNF) की गुणवत्ता सुधरती है.

एक दिवसीय कृषि मेला: मुख्य बिंदु एक नज़र में

प्रमुख पहलू (Key Highlights)विवरण / तथ्य (Details)
आयोजन स्थलकृषि डेयरी केंद्र, कैलाश गोधाम (डुमरिया, किशनगंज)
आयोजन का स्वरूपएक दिवसीय किसान व पशुपालक उन्मुखीकरण मेला
प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञअशोक शर्मा (एरिया मैनेजर) एवं अनुराग शर्मा
विशिष्ट अतिथिराजा सिंह (समाजसेवी सह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि, डुमरिया)
मुख्य विषयसंतुलित पशु पोषण, दुग्ध संवर्धन, मिनरल सप्लीमेंट्स का उपयोग
सहभागी वर्गस्थानीय डेयरी संचालक, दुग्ध उत्पादक व सीमावर्ती किसान

आधुनिक जानकारी से बढ़ेगी किसानों की आय: राजा सिंह

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित डुमरिया के समाजसेवी सह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजा सिंह ने आयोजन की सराहना की:

  • जागरूकता से बदलाव: उन्होंने कहा कि ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों के पशुपालक अक्सर पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहते हैं, जिससे उनकी मेहनत का पूरा प्रतिफल नहीं मिल पाता. इस प्रकार के तकनीकी मेलों से पशुपालकों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की सीधी जानकारी मिलती है.
  • आर्थिक मजबूती की नींव: उन्होंने स्थानीय युवाओं को डेयरी फार्मिंग को एक संगठित और मुनाफे वाले स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया.

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By Rahul kumar

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