मंगलवार की मध्य रात्रि भीषण आग लगने से नौ दुकानें जल गयीं, जिसमें लाखों की संपत्ति जल कर राख हो गयी. पीड़ितों की चीत्कार से घटनास्थल पर माहौल गमगीन हो गया. अनुमंडल पदाधिकारी मो शफीक घटनास्थल पर पहुंच कर हर संभव उपाय किये.
किशनगंज : अस्पताल रोड स्थित एलआइसी के सामने मंगलवार की मध्य रात्रि को लगी भीषण आग से नौ दुकानें जल गयीं. इस घटना में तकरीबन 20 लाख रुपये की संपत्ति के साथ एक स्कॉर्पियो व दो मोटर जल गये. इन नौ दुकानों में एक मोटर साइकिल गैरेज, फूल सजावट की दुकान, चाय, हरमुनिया, पान व रजाई गद्दे की दुकानें थी. अगलगी के कारणों का पता नहीं सका है. बताया जाता है महज 20 मिनट में नौ दुकानें जल कर राख की ढेर में तब्दील हो गये.
कई दुकानों में छोटे व बड़े गैस सिलेंडर रखे थे, जिसमें आग लगने से विस्फोट हुआ और पल भर में ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. रात्रि होने की वजह से अधिसंख्य लोग सो रहे थे. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे कॉलोनी व अस्पताल रोड में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया. आग पर काबू पाने के लिए तीन दमकल व स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अग्निशमन दल व स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण वहां की लगभग 100 अन्य दुकानों को जलने से बचा लिया गया. अगलगी की घटना के बीच जान बचाने की कवायद में जुटे पीड़ितों की चीत्कार से सबकी आंखें नम हो गयी. सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गयी, लेकिन पानी खत्म हो गया पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका. घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मो शफीक स्वयं सदल-बल पहुंच कर हर संभव उपाय की तलाश में जुट गये. फायर बिग्रेड की गाड़ी पुन: पानी लेकर आयी तब तक सब कुछ जल चुका था.
पीड़ित की माने, तो दो दुकान में रखे गैस सिलिंडर के फट जाने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. इस घटना में गोलू दास, कालू दास, नोटन राय, मनोज जायसवाल, गोपाल, धीरज कुमार, मो आलम, पवित्रो बोरा, मोहित कुमार की दुकानें जल गयीं. अगलगी की घटना में सत्य नारायण जायसवाल का स्कॉर्पियो एवं बीएसएफ 139वीं वाहिनी के सहायक अवर निरीक्षक राकेश कुमार झा की मोटरसाइकिल बीआर10जे 8424 भी जल गयी. इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी मो शफीक ने घटना पर दुख प्रकट किया साथ ही कहा कि विभाग के निर्देश के आलोक में दुकान जलने पर मुआवजा का प्रावधान नहीं है.
