कार्रवाई. अनुमंडल पदािधकारी ने की छापेमारी
घटना के बारे में बताया जाता है कि पंद्रह वर्ष पहले दो नाबालिग बच्ची को इस घर में किसी मानव तस्कर ने बेच दिया था और उसी वक्त से दोनों नबालिग लड़की को जबरन गृह स्वामी शीशा खलीफा द्वारा देह व्यापार करवाया जाता था.
किशनगंज : किशनगंज के अनुमंडल पदाधिकारी सफिक आलम ने खगड़ा रेड लाइट एरिया स्थित शीशा खलीफा के घर में छापेमारी कर चार छोटे-छोटे बच्चों को मुक्त करवाया. साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी ने बरामद बच्चों को उसके परिजनों के हवाले कर दिया. घटना के बारे में बताया जाता है कि पंद्रह वर्ष पहले दो नाबालिग बच्ची को इस घर में किसी मानव तस्कर ने बेच दिया था और उसी वक्त से दोनों नबालिग लड़की को जबरन गृह स्वामी शीशा खलीफा द्वारा देह व्यापार करवाया जाता था.
इसी बीच दोनों लड़की की शादी भी इसी घर में रचा दी गयी और दोनों पीड़ित सेक्स कर्मी ने बच्चों को जन्म यहीं पर दिया. दोनों को कैद कर देह व्यापार करवाया जाता था दोनों ने आज तक बाहर की दुनिया भी नहीं देखी थी. देह व्यापार के दलदल में फंसी दोनों लड़की द्वारा इसका विरोध करने पर उसे तरह तरह की यातनाएं भी दी जाती थी इतना ही नहीं अपने बच्चे से भी दोनों को दूर रखा जाता था़ थक हार कर दोनों ने इस बदनाम गली से भाग जाने का प्लान बनाया और उसमे दोनों कामयाब भी हो गयी, लेकिन अपने बच्चो को अपने साथ ले भागने में नाकामयाब रही़ दोनों सेक्स कर्मी ने भाग कर पहले अपने घर लौटा जो पंद्रह साल के बाद पहुंची़ उसके उपरांत अपने अभिभावक के साथ किशनगंज के जिला पदाधिकारी के पास पहुंचकर आप बीती सुनाई साथ ही अपने बच्चो को शीशा खलीफा के मकान में कैद अपने छोटे छोटे बच्चों को मुक्त करवाने का अनुरोध किया और जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी को आदेश देकर चार बच्चों को दलाल के चंगुल से मुक्त करवाया.
परिजनों ने डीएम से लगायी थी गुहार
अनुमंडल पदाधिकारी ने बरामद बच्चों को उसके परिजनों के हवाले कर दिया
