दिघलबैंक : आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से लोगों को उबरने में अभी वक़्त लग सकता है.खासकर ग्रामीण इलाकों में नोटों को लेकर हाहाकर की स्थिति बरकरार है.एटीएम बन्द है और बैंको में समुचित राशि उपलब्ध नहीं होने से लोग खासे परेशान है,सबसे ज्यादा असर कारोबार पर पड़ा है,पिछले एक सप्ताह से ब्यापार पूरी तरह से ठप है,आम वाम को सब्जी,दूध,एवं किराना सामान की खरीददारी को लेकर भारी जहमत से दो- चार होना पड़ रहा है.
पौ फटने से पूर्व ही बैंक परिसरों में राशि निकलने वालों की जूटने लगती है भीड़,लेकिन लोग खुश है. इतनी परेशानी के वावजूद भी आम अवाम काफी खुश है,वो इसे देश हित में लिया गया फैसला मानते है. ठाकुरगंज प्रतिनिधि के अनुसार गुरुवार 10 नवंबर जब से बड़े नोटों को बंद करने के बाद नोटों को बदलने का सिलसिला शुरू हुआ है आम हो या खास सब परेशान हैं. बैंकों के गेट इस तरह जाम हो चुके हैं की बैंक के अंदर जाने के लिए घंटो मशक्कत करनी पड़ रही है.
