दिघलबैंक : आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक से देश में एकाएक एक हजार और पांच सौ के नोटों के बंद होने के बाद आम अवाम से लेकर बैंक कर्मियों तक को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है. एक तरफ आम लोगों के सामने 100 – 50 के नोटों के समाप्त होने के बाद जरूरतों को पूरा करने के लिए जंग लड़नी पड़ रही है
तो दूसरी ओर कई बैंकों में रविवार को भी नए नोट नहीं आने से कर्मचारियों के पसीने छूटते रहे. एक हजार व पांच सौ के पुराने नोटों के बंद होने से आज आम लोगों से लेकर बैंकों के कर्मचारी तक सभी अचानक सामने आई समस्या से जूझ रहे हैं. विगत पांच दिनों में आम लोगों के पास मौजूद खुदरा पैसों का अब अभाव होने लगा है तो दूसरी और आम लोग भी जल्द से जल्द पुराने नोटों से स्वयं को दूर कर लेना चाहते हैं इन चार दिनों में लोगों की रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करने में उनके पास जमा सारे खुदरा पैसे अब समाप्त होने को है, लेकिन आवश्यकताएं हैं कि हर रोज मुंह बाए तैयार खड़ी हैं.
दूसरी ओर, नोटों की अब तक आपूर्ति नही किए जाने से स्थिति काफी खराब हैं.लोगों के उतावलेपन से एक-एक कर सभी बैंकों के पास मौजूद खुदरा नोटों के समाप्त होने के बाद अब स्थिति गंभीर होती जा रही है. इस बीच प्रखंड के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने बताया कि नए नोट आने में अभी एक से दो दिन और लग जाने की संभावना है। वैसे इतना तो तय है कि यदि आम लोग थोड़ा संयम से काम लें तो नए नोटों के आने में एक से दो दिनों के फासले को थोड़ी परेशानियां मिटाया जा सकता है जिसके बाद फिर कही कोई समस्या नही होनी है.
