वादे तो सबों ने किये पर अब तक नहीं हो सका निसंदरा घाट का उद्धार

किशनगंज : यूं तो किशनगंज जिला के सभी आम व खास निसंदरा घाट की परेशानियों से अवगत है़ यह विडंबना ही है कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी इस घाट पर पुल का निर्माण नहीं हो सका़ इस बीच केंद्र और राज्य में कई सरकारे बदली, बेगाने से लेकर अपने तक सब तरह के […]

किशनगंज : यूं तो किशनगंज जिला के सभी आम व खास निसंदरा घाट की परेशानियों से अवगत है़ यह विडंबना ही है कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी इस घाट पर पुल का निर्माण नहीं हो सका़ इस बीच केंद्र और राज्य में कई सरकारे बदली, बेगाने से लेकर अपने तक सब तरह के प्रतिनिधि भी अवाम के बहुमूल्य से वोट से जीते, सबने समान वादे एवं सपने दिखाये़ लेकिन इस क्षेत्र के लोगों की परेशानी निरंतर जारी रहा़ किसी के कार्यकाल में भी निसंदरा घाट पर पुल का निर्माण संभव नहीं हो सका़ निसंदरा पंचायत के मुखिया नासिर आलम सरपंच कैसर आलम एवं इस टंगटंगी,

बैगना, मुसलडांगा इत्यादि कई गांव के जवानों ने मिल कर एक आम सभा के माध्यम से अपनी दर्दभरी दास्तां से एमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाकर सुनाया़ इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री ईमान ने कहा कि गद्दी पर बैठे लोगों की साजिश का नतीजा है कि इस महत्वपूर्ण घाट पर जहां प्रतिदिन हजारों लोग नाव एवं बांस की चचरी से आवागमन करते है और पुल का निर्माण नहीं हो सका़ उन्होंने कहा कि अपने अधिकार के लिए जनआंदोलन खड़ा करना पड़ेगा़

उन्होंने प्रशासन से मांग किया कि अविलंब यहां पर 2008 को स्वीकृत पुल का निर्माण कराया जाये और जब तक पुल नहीं बन जाता यहां पीपा पुल बनाया जाये तथा वर्तमान में आवाजाही के लिए महसुल की व्यवस्था समाप्त कर जिला प्रशासन अपने खर्च पर चचरी पुल की व्यवस्था कराये़ उन्होंने कहा कि एक वेलफेयर स्टेट में किसी भी तरह से यह शोभा नहीं देता कि आम जनता रूपया देकर नदी का घाट पार करे़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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