कार्यक्रम . वाडी परियोजना अनुसूचित जनजाति के कल्याण से जुड़ी है : सावन
पोठिया प्रखंड की दो पंचायतों में आम सभा का आयोजन किया गया. आमसभा में 300 से अधिक लोगों ने भाग लिया.
पोठिया/किशनगंज : वाडी परियोजना के तहत प्रखंड क्षेत्र के दो अलग-अलग पंचायतों में नाबार्ड की अनुसूचित जनजाति विकास निधि के तहत चलने आम सभा का आयोजन किया गया़ इस आमसभा का आयोजन उच्च विद्यालय, बल्दिहाट तथा आंबेडकर हॉल, टिप्पी झाड़ी, पोठिया में किया गया़ आम सभा में करीब 300 से अधिक अनुसूचित जनजाति के लोगों नें भाग लिया़ नाबार्ड के सहयोग से सम्मान फाउंडेशन किशनगंज के पोठिया ब्लॉक में यह परियोजना चला रही है़
इस परियोजना का उद्देश्य भूमिहीनों के लिए आय-सृजन करना तथा 550 से भी अधिक जनजातीय परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाना है़ इसका उद्देश्य बाग के किनारों पर विविध वन्य प्रजातियों के पौधे रोपकर जनजातीय परिवारों के लिए लकड़ी,
चारे तथा जलावन की ज़रूरतों को पूरा करना है़ आज की आम सभा का शुभारंभ नाबार्ड के ज़िला विकास पदाधिकारी सावन प्रकाश ने की़ कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सावन प्रकाश ने नाबार्ड द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. श्री प्रकाश नें यह भी बताया कि वाड़ी मॉडल जनजातीय विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है जिसका संबंध उत्पादन, प्रसंस्करण और उपज के विपणन तथा तत्संबंधी अन्य समस्याओं से है़ इस कार्यक्रम के मूल में वाडी और उसके गिर्द बनाये गये विकासात्मक दखल है़
प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री संदीप कुमार पांडे नें नाबार्ड के द्वारा किये जा रहे कार्यों कि काफी सराहना की़ श्री पांडे ने लोगों को यह अवगत कराया कि इस पारियोजना के क्रियान्वयन में यदि कोई दिक्कत आती है तो उनका पूरा सहयोग रहेगा इसके सफल क्रियान्वयन में.इसी क्रम में पोठिया के उप-प्रमुख श्री बाबुल आलम ने यह बताया कि नाबार्ड की इस परियोजना से पोठीया कि जनता को काफी फायदा पहुंचेगा़ श्री बाबुल नें लोगों से अहवाहन किया कि इस परियोजना में अपनी पूरी हिस्सेदारी दें. बहुत सरहनीय है इस परियोजना के आने से जनजातीय समाज को बहुत फायदा पहुंचेगा़
इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए सम्मान फ़ाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबन्धक श्री आबिद अशरफ खान नें विस्तार से बताया कि कार्यक्रम को बागवानी विकास के उन्नयन की रणनीति के तौर पर पेश किया गया है़ वैसे प्रत्येक जनजातीय परिवार को जिनकी जोत कम से कम एक एकड़ की है उनको इस परियजना में शामिल किया जाता है जिसमें वे क्षेत्रानुकूल 60 -75 फलों के पौधे तथा उसके चारों ओर 200 -300 वन्य पौधे लगाते है़ं इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम में सम्मान फाउंडेशन के सौरभ अग्रवाल, तबस्सुम, केशव झा, निलेश कुमार, अमित कुमार, राजेश कुमार, विभिन्न समाजसेवी एवं ग़ैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया़ कार्यक्रम का समापन सम्मान फाउंडेशन के परियोजना प्रबंधक प्रमोद कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के द्वारा किया गया़
आमसभा को संबोधित करते नाबार्ड के डीडीएम सावन प्रकाश व अन्य.
एक एकड़ में बनेगी वाडी
वाड़ी से तात्पर्य उस छोटे से बाग से है जो एक एकड़ भूमि पर फैला हो़ यह वाड़ी आम, काजू, लीची अथवा उस क्षेत्र-विशेष के माकूल किसी भी फलदार फसल का हो सकता है़ इनके अतिरिक्त भू-जोत की परिधि पर इन पेड़ों के साथ वानिकी प्रजातियों को भी लगाया जा सकता है़ जलवायु संबंधी, जैविक, तथा विपणन सम्बन्धी जोखिम को कम करने हेतु दो या दो से अधिक फसलों का भी चयन किया जा सकता है़ सम्मान फाउंडेशन के संस्थापक इरफ़ान आलम ने आम सभा में शामिल लोगों को वाडी कार्यक्रम से होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की़ श्री आलम ने बताया कि बाग़ से प्रतिवर्ष सतत आय कैसे होगी तथा अत्यधिक उत्पादन होने पर सामूहिक विपणन एवं सभी उत्पादों का प्रसंस्करण संभव है़ उन्होंने यह भी बताया कि वाड़ी क्षेत्र के प्रमुख विकासात्मक हस्तक्षेपों में मृदा-संरक्षण, जल-संसाधन विकास, कृषि-विकास, महिला सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्यपरक पहल शामिल है़ इस प्रक्रिया से आपलोगों की आमदनी भी अधिक होगी़
