किशनगंज : न्यूनतम वेतनमान व पुनर्बहाली की मांग को लेकर विगत कई दिनों से आंदोलनरत सदर अस्पताल के सफाई कर्मियों का गुस्सा शनिवार को उस वक्त फूट पड़ा, जब संबंधित एजेंसी ने बाहर के सफाई कर्मियों को सदर अस्पताल की साफ-सफाई का जिम्मा सौंप दिया. फिर क्या था सदर अस्पताल के सफाई कर्मियों ने अस्पताल के मुख्य द्वार के निकट डे मार्केट-गांधी चौक पथ पर अवरोधक लगा कर रोषपूर्ण प्रदर्शन करना प्रारंभ कर दिया.
नतीजतन लगभग दो घंटे से अधिक समय तक अस्पताल रोड में आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाने के कारण पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया. अपने प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने संबंधित एजेंसी राज इंफोरमेशन कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की.
समझाने पहुंचे एसडीओ : घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओ मो शफीक, एसडीपीओ कामिनी बाला, थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर आफताब अहमद दल-बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंच गये और छंटनीग्रस्त कर्मियों से वार्ता करने के उपरांत उन लोगों ने सिविल सर्जन के कार्यालय कक्ष में राज इंफोरमेशन के कर्मी से वार्ता करने की चेष्टा की. परंतु एनजीओ कर्मी दिनेश पांडे मात्र 22 कर्मियों को बहाल करने व 25 सौ रुपये मासिक वेतन दिये जाने की जिद्द पर अड़े रहे.
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जम कर बहस भी हुई. तत्पश्चात एसडीओ मो शफीक ने एनजीओ प्रबंधक गणेश सिंह से फोन पर वार्ता कर मामले का हल ढूंढ़ निकाला. एसडीओ द्वारा सभी छंटनीग्रस्त 47 कर्मियों के पुनर्बहाल करने व चार हजार रुपये मासिक वेतनमान दिये जाने की घोषणा करते ही सफाई कर्मियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी.
