दीपांकर के अभिनय की हो रही प्रशंसा

कोचाधामन (किशनगंज) : किशनगंज जैसे पिछड़े जिले का प्रतिभावान युवा कलाकार दीपांकर शर्मा हिन्दी फिल्म ‘फाइनल मैच’ में जबर्दस्त इंट्री कर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस फिल्म में उसके अभिनय की काफी तारीफ की जा रही है. मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले आंगनबाड़ी सेविका के पुत्र ने अपनी अभिनय क्षमता के […]

कोचाधामन (किशनगंज) : किशनगंज जैसे पिछड़े जिले का प्रतिभावान युवा कलाकार दीपांकर शर्मा हिन्दी फिल्म ‘फाइनल मैच’ में जबर्दस्त इंट्री कर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. इस फिल्म में उसके अभिनय की काफी तारीफ की जा रही है. मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले आंगनबाड़ी सेविका के पुत्र ने अपनी अभिनय क्षमता के बल पर काफी संघर्ष करने के बाद बॉलीबुड में अपना कदम रखा है.

दूरभाष पर अभिनेता दीपांकर ने बताया कि फिल्म ‘फाइनल मैच’की कहानी बिहार के औरंगाबाद नर संहार 1987 की सत्य कथा पर आधारित एक काल्पनिक कहानी है. फिल्म के निर्माता ओम प्रकाश झा हैं. फिल्म के माध्यम सेसमाज को एक संदेश देना चाहा है कि हिंसा से किसी भी वर्ग का विकास संभव नहीं है. समाज में जाति भेदभाव, उंच नीच, अगड़ा, पिछड़ा जैसे दुर्भावना को मिटाने का प्रयास किया है.

देव कृपा इंटटेंनमेंट के बैनर तले निर्देशक संतोष बादल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘फाइनल मैच’ में मुख्य भूमिका में बतौर अभिनेता आलोक कुमार, अभिनेत्री ज्योति वर्मा, खलनायक मनोज मानव आदि कलाकार शामिल हैं. दीपांकर के पिता लाल चंद्र शर्मा के अलावे गांव के ग्रामीण दीपांकर शर्मा की उपलब्धि से अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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