टीएएस-1 सर्वेक्षण के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों की हो रही वैज्ञानिक जांच, संक्रमण की वास्तविक स्थिति का लगाया जा रहा पता
किशनगंज. फाइलेरिया जैसी गंभीर मच्छरजनित बीमारी के उन्मूलन को लेकर किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीएएस-1 (ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वेक्षण-1) अभियान लगातार गति पकड़ रहा है. वर्षों से चलाए जा रहे सामूहिक दवा सेवन अभियान के बाद अब जिले में यह वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जा रहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि समुदाय में फाइलेरिया संक्रमण का स्तर कितना कम हुआ है तथा बीमारी के प्रसार की श्रृंखला किस हद तक टूटी है.फाइलेरिया एक परजीवी जनित रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है. इस बीमारी के कारण शरीर के अंगों में असामान्य सूजन उत्पन्न हो जाती है, जिससे व्यक्ति को आजीवन शारीरिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. टीएएस-1 सर्वेक्षण के अंतर्गत विशेष रूप से कक्षा पहली व दूसरी के बच्चों की जांच की जा रही है, क्योंकि यह आयु वर्ग हालिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है.ठाकुरगंज प्रखंड को छोड़कर जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित टीएएस-1 अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 5804 बच्चों की जांच की जा चुकी है. जांच के दौरान 17 बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में प्रशिक्षित टीमों के माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के नमूने लेकर वैज्ञानिक पद्धति से परीक्षण किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जांच कार्य लगातार जारी है. अभियान के क्रम में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम, पदाधिकारी अविनाश राय द्वारा किशनगंज मूल्यांकन इकाई के अंतर्गत संचालित टीएएस गतिविधि का लगातार पर्यवेक्षण किया जा रहा है. विद्यालय में पहुंचकर अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया, नमूना संग्रहण, बच्चों की उपस्थिति एवं अभिलेख संधारण की समीक्षा की. अधिकारियों ने स्वास्थ्य टीमों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न किया जाए.
