दिघलबैंक (किशनगंज): प्रखंड क्षेत्र के एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टप्पू में अब तक महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पायी है. महिला चिकित्सक के नहीं रहने से महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
महिलाएं जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आती है तो पता चलता है कि महिला चिकित्सक है ही नहीं मजबूरी में उन्हें प्रखंड से बाहर जाकर प्राइवेट नर्सिग होम में इलाज कराना पड़ता है तथा प्रसव करवाने आने वाली महिलाओं की सारी जिम्मेवारियां नर्सो के भरोसे ही है.
हालांकि प्रसव संबंधी कार्य तो प्रशिक्षित नर्सो द्वारा संपन्न हो जाता है मगर स्त्री से संबंधित अन्य बीमारी का इलाज महिला डॉक्टर के कमी के कारण असंभव है. गौरतलब है दिघलबैंक पीएचसी को 24 घंटे चलाने के लिए कम से कम 6 डॉक्टरों की आवश्यकता है लेकिन नियमित डॉक्टर के रूप में एक मात्र डॉक्टर कार्यरत हैं जो प्रभारी की भी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं. अतिरिक्त डॉक्टरों की बात तो छोड़ ही दीजिये. वहीं आयुष चिकित्सक के रूप में कार्यरत दो डॉक्टरों में एक लक्ष्मीपुर तथा दूसरा पदमपुर उपस्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है. कुल मिला कर एक मात्र डॉक्टर के भरोसे प्रखंड की लाखों की आबादी निर्भर है.
’’परेशानी तो होती है. प्रसव कार्य नर्सो के सहयोग से हो जाता है. गंभीर मामले में मरीज को बाहर रेफर करना पड़ता है.
डॉ एनामुल हम, पीएचसी प्रभारी
