किशनगंज: दिघलबैंक पीएचसी में लाखों रुपये मूल्य की दवा जलाने मामले में जिला प्रशासन व सदर अस्पताल प्रशासन की धीमी जांच पर पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह ने नारजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अब जांच टीम के पीछे टीम लगानी होगी. श्री सिंह ने कहा कि आखिर किशनगंज जिले के विभिन्न पीएचसी और सदर अस्पताल में नन एक्सपायरी दवाओं को कहीं जला कर राख कर दिया जाता है, तो कहीं जमीनदोज कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में एंटीबायटिक दवाओं को बाथरूम में सील तोड़कर बहाते वरीय उप समाहर्ता कलीमुद्दीन ने पकड़ा था. इसके बाद जांच हुई, लेकिन कार्रवाई के नाम स्टोर कीपर महिला को कुछ दिनों के निलंबित कर दिया गया था. श्री सिंह ने कहा कि जिले में विगत दो वर्षो के दौरान दवाई की खरीद की जांच होनी चाहिए. उन्होंने दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि दिघलबैंक पीएचसी प्रभारी व कर्मियों द्वारा साक्ष्य को मिटाने का कार्य अनवरत जारी था. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे समय गुजर रहा है वैसे-वैसे यह मामला भी ठंडे बस्ते में जा रहा है. श्री सिंह ने कहा कि यदि दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो जनता सड़क पर उतरेगी.
धीमी जांच से पूर्व विधायक नाराज
किशनगंज: दिघलबैंक पीएचसी में लाखों रुपये मूल्य की दवा जलाने मामले में जिला प्रशासन व सदर अस्पताल प्रशासन की धीमी जांच पर पूर्व विधायक सिकन्दर सिंह ने नारजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अब जांच टीम के पीछे टीम लगानी होगी. श्री सिंह ने कहा कि आखिर किशनगंज जिले […]
