इस संबंध में रविवार को उप विकास आयुक्त संजय कुमार ने जिले के सभी प्रखंड के बीडीओ, पीओ एवं मनरेगा कर्मियों के साथ कार्यालय कक्ष में बैठक कर उन्हें जानकारी दी. डीडीसी ने बताया कि मनरेगा के तहत कराये गये कार्यो का एमबी, कार्यकारिणी की सम्पुष्टि, मास्टर रौल तथा वेज लिस्ट की जांच एवं प्रविष्टि के पश्चात मनरेगा लेखापाल जो इस व्यवस्था के तहत प्रथम हस्ताक्षरक है, के द्वारा कार्यक्रम पदाधिकारी की सम्पुष्टि के पश्चात एफटीओ जेनरेट करेगा. इसके बाद कार्यक्रम पदाधिकारी के द्वारा इस प्रस्ताव को संबंधित क्षेत्र के बीडीओ के पास भेजा जायेगा. बीडीओ इस का द्वितीय एवं अंतिम हस्ताक्षरक हैं.
बीडीओ के अनुमोदन के पश्चात एफटीओ जेनरेट होगा तथा राज्यपुल से भुगतान की राशि सीधे मजदूर और भेंडर के खाते में अंतरित हो. डीडीसी ने कहा कि इस व्यवस्था से बिचौलिये सक्रिय नहीं होंगे और लाभुक को सही एवं वास्तविक राशि का भुगतान हो सकेगा. इसके अलावे डीडीसी ने जन प्रतिनिधियों यथा प्रमुख, उप प्रमुख, मुखिया, उप मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं वार्ड सदस्य को वर्ष 2014-15 के नियत भत्ते व अन्य भत्ते के भुगतान से संबंधित विपत्र 24 घंटे के अंदर जिला परिषद को समर्पित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिला पदाधिकारी का स्पष्ट आदेश है कि निर्देश का अनुपालन नहीं करने वाले बीडीओ पर कार्रवाई की जायेगी. बैठक में डीआरडीए निर्देशक भारत भूषण मौजूद थे.
