अनुमंडल अस्पताल के नाम पर बंटे 53.94 लाख
किशनगंज: स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व एजेंसी की मिलीभगत से 1.44 करोड़ रुपये की हेराफेरी किये जाने का मामला प्रभात खबर के गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बाद जहां पूरे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गयी. वहीं इस प्रकरण को लेकर जिले वासियों के बीच चर्चा का बाजार भी […]
किशनगंज: स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व एजेंसी की मिलीभगत से 1.44 करोड़ रुपये की हेराफेरी किये जाने का मामला प्रभात खबर के गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बाद जहां पूरे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गयी. वहीं इस प्रकरण को लेकर जिले वासियों के बीच चर्चा का बाजार भी गर्म हो गया.
कैग द्वारा अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे जाने के बाद लोक लेखा समिति द्वारा विगत दिनों रिपोर्ट सार्वजनिक किये जाने से मामले का खुलासा हो सका. हालांकि फिलहाल पूरा मामला राज्य सरकार के पास विचाराधीन है तथा मामले की जांच जारी है.
क्या है अंकेक्षक दल की रिपोर्ट : मामले की जांच के लिए 28 अक्तूबर 2014 को किशनगंज पहुंचे. अंकेक्षक दल के लोगों ने मामले से संबंधित फाइलों का गहन अध्ययन व जांच पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि सदर अस्पताल के अस्तित्व में रहते हुए भी संबंधित एजेंसी व स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी ने मिलीभगत कर अनुमंडल अस्पताल के नाम पर सरकार को 53.94 लाख का नुकसान पहुंचा दिया. 17 दिनों तक लगातार माथापच्ची करने के पश्चात अंकेक्षक दल ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली पर भी प्रश्न चिह्न् लगाया था.
गंभीर मामला, होगी कठोर कार्रवाई : जिलाधिकारी
’’यह वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला है.इस प्रकरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.चाहे वे कितने भी रसूख वाले क्यों न हो? स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद की भी जांच की जायेगी. जिले में चल रहे अवैध पैथलॉजी, अल्ट्रा साउंड, एक्स-रे सेंटरों पर भी जल्द ही नकेल कसी जायेगी.
अनिमेष कुमार परासर, जिलाधिकारी