किशनगंज . बिहार के लाल की गूंज आईपीएल में गूंजने के बाद शहर में भी खुशी की लहर छा गयी. आखिर हो भी क्यों नहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेल रहे बिहार के लाल वीर प्रताप सिंह का शहर से पुराना रिश्ता है. वीर प्रताप के अग्रज आलोक प्रताप सिंह स्थानीय रेल थानाध्यक्ष हैं.
बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा मुंबई इंडियंस पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद आलोक प्रताप को बधाई देने वाले लोगों का जहां तांता लग गया. अपने भाई के इस सफलता से फूले नहीं समा रहे जीआरपी थानाध्यक्ष आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि वीर प्रताप को बचपन से ही क्रिकेट से काफी लगाव था.
सूबे के नालंदा जिले के चंडी प्रखंड के जगत पुर गांव निवासी वीर प्रताप सिंह का बचपन गांव की गलियों में क्रिकेट खेलते हुए गुजरा था. क्रिकेट के प्रति लगाव के कारण कालांतर में उनका परिवार बिहार शरीफ में रहने लगा था. जहां तेज बॉलर के रूप में खुद को स्थापित करने के बाद उसे बंगाल की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिला था. अपनी घातक गेंदबाजी द्वारा उसने सबों को चौंका कर रख दिया तथा बंगाल टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में सफल रहा था. टॉप 10 गेंदबाजों की श्रेणी में खुद को स्थापित करने में सफल हो गया था. उसकी गेंदबाजी को देख केकेआर की मालिक शाहरुख खान ने 40 लाख की बोली लगा कर अपने टीम में शामिल कर लिया था. जबकि पूर्व में वह हैदराबाद की टीम डेक्कन चाजर्स में जलवा बिखेर चुका है .
तथा 10 विकेट प्राप्त करने में सफल भी रहा था. जिसमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान क्रिकेटर सचिव तेंडुलकर के साथ साथ तिलकरत्ने दिलशान, नमन ओझा आदि का विकेट भी शामिल था. उन्होंने बताया कि सचिन तेंडुलकर को वीर प्रताप द्वारा डाले गये कुल 10 गेंद में सचिन एक भी रन नहीं बना पाये थे तथा कैच आउट होकर पवेलियन वापस लौट गये थे. परंतु बाद में उन्होंने ड्रेसिंग रूम पहुंच कर वीप प्रताप की पीठ थपथपाते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की थी.
वहीं दूरभाष पर संपर्क करने पर वीर प्रताप ने जोशीले लहजे में कहा कि केकेआर के कप्तान गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी और खिताब अपने नाम करेगी. उन्होंने बताया कि अंतराष्ट्रीय जगत के कई दिग्गजों के साथ खेलने व उनके अनुभव से मैं सीखने का प्रयास कर रहा हूं. वहीं आइपीएल के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वीर प्रताप सिंह ने बताया कि यह भारतीयों का खेल है. आईपीएल ने गुमनामी के अंधेरे में खो चुके कई खिलाड़ियों को जहां आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा दिया है वहीं कई प्रतिभावान खिलाड़ियों को उचित प्लेटफार्म उपलब्ध कराने में भी सफल रहा है.
