छोटे किसानों पर जुल्म नहीं चलेगा

ठाकुरगंज: एसएसबी व ग्रामीणों के बीच कुर्लीकोट गांव में हुई झड़प के बाद शनिवार को आयोजित बैठक में ग्रामीणों से लेकर जनप्रतिनिधि सबके निशाने पर एसएसबी की कार्य प्रणाली रही. कुर्लीकोट थाना परिसर में आयोजित बैठक की शुरुआत स्थानीय ग्रामीणों की आप बीती से हुई. जिसमें कुर्लीकेाट तथा खरखरी के ग्रामीणों ने एसएसबी जवानों के […]

ठाकुरगंज: एसएसबी व ग्रामीणों के बीच कुर्लीकोट गांव में हुई झड़प के बाद शनिवार को आयोजित बैठक में ग्रामीणों से लेकर जनप्रतिनिधि सबके निशाने पर एसएसबी की कार्य प्रणाली रही. कुर्लीकोट थाना परिसर में आयोजित बैठक की शुरुआत स्थानीय ग्रामीणों की आप बीती से हुई. जिसमें कुर्लीकेाट तथा खरखरी के ग्रामीणों ने एसएसबी जवानों के खिलाफ भड़ास निकाली. वहीं कुछ ग्रामीणों ने तो प्रशासन से एसएसबी कैंप को गांव की सीमा से दूर स्थानांतरित करने की मांग की ताकि वे शांति से रह सके.
मौके पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष फैयाज आलम ने घटना के वक्त वहीं मौजूद ग्रामीण के बीच भय का हवाला देते हुए आये दिन होने वाली घटनाओं से चिंता जाहिर की. उन्होंने एसएसबी द्वारा ग्रामीणों पर किये गये केस को झूठा करार दिया. वहीं सिविल एसडीओ महेश कुमार दास ने एसएसबी अधिकारियों को अपने जवानों पर नियंत्रण नहीं रहने की बात कहते हुए मौजूद कमांडेंट से जवानों पर नियंत्रण के लिए कारगार उपाय करने की सलाह दी. ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवानों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की जरूरत पर बल देते हुए सीमा से सटे प्रखंड के छह पंचायतों बंदरझूला, दल्लेगांव, तातपौआ, चुरली तथा भातगांव में जनप्रतिनिधियों की कमेटी गठित करने की बात कही जो मवेशी जब्ती के दौरान यह निर्धारित करेगी कि मामला तस्करी का है या नहीं. इस दौरान एसडीपीओ मो कासीम, अहमद हुसैन, नवीन यादव, मुश्ताक आलम, प्रमुख प्रतिनिधि गुलाम हसनैन, गणोश राय आदि ने अपने-अपने विचार रखें. वहीं इस दौरान सर्किल इंस्पेक्टर ललन पांडे, सीओ अनूप कुमार त्रिपाठी, रियाज अहमद, हकीमुद्दीन, दिनानाथ पांडे, मो यासीन, अफाक आलम, बिजली सिंह, नवल सिंह, मो असलम, सईदुर्रहमान रमेश जैन आदि के अलावे कुर्लीकोट थानाध्यक्ष शशि भूषण, गलगलिया थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार, पाठामारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार, सुखानी थानाध्यक्ष मुकेश कुमार आदि मौजूद थे.
ग्रामीणों के सहयोग के बिना हम काम नहीं कर सकते
एसएसबी सीमा पर राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात हुई है. ऐसे छोटे छोटे विवादों से न हमारा भला होगा न जनता का. हमें ऐसे कदम उठाने होंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनर्रावृत्ति न हो. ग्रामीणों के सहयोग के बिना हम काम नहीं कर सकते. जब तक ग्रामीणों का सहयोग नहीं मिलेगा राष्ट्र विरोधी ताकतों पर अंकुश नहीं लगेगा. हम कानून से ऊपर नहीं हैं व एसएसबी जो भी काम करेगी कानून के दायरे में रह कर करेगी.

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