तभी तो किसनों को उनके ही उत्पादित फसल धानों का क्रय यहां से सरकारी केंद्रों पर नहीं की जा रही है. परिस्थिति वश किसानों के बेहतर हित में घोषित सरकारी कीमत व उपजर से बोनस की राशि आज सरकारी छलावा ही साबित होने लगा है जो समझ से परे ही है. उधर आंदोलन की सूचना पर जिला प्रशासन की तरफ से आये वरीय उपसमाहर्ता विनोद कुमार ने बीडीओ शशि भूषण सुमन की उपस्थिति में आंदोलनकारियों को मुद्दे पर ठोस आश्वासन दिये एवं साफ किया कि सरकारी घोषणा के अनुरूप हर कीमत पर आज मंगलवार 31 मार्च तक किसानों से उनके माल सरकारी कीमत पर लिये जायेंगे.
तब जाकर आंदोलन कारियों ने अपना आंदोलन वापस लिया एवं सड़क यातायात को फिर से बहाल करवाया गया. जहां आंदोलन के दौरान आप नेता हरि मोहन सिंह के साथ डॉ सलीम, महमूद आलम, ममनुन रशीद, अख्तर आम, मिन्नत आरा आदि सैकड़ों लोग भी शामिल रहे. उपर से परिस्थिति के मद्देनजर यहां के अलग अलग कुछ राजनीति पार्टी के नेताओं ने भी आंदोलन में किसानों को अपरोक्ष रूप से साथ दिये. जिसमें भाजपा क्रीड़ा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष बरूण कुमार सिंह, पूर्व नप अध्यक्ष अंजार नईमी, पूर्व उपाध्यक्ष तकसीर आलम, कांग्रेसी नेता कैशर फैजी, जिला पार्षद इमरान आलम सहित कई राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता भी आंदोलन के दौरान मौजूद रहे.
