60 जिलों में चल रहा है धंधा
किशनगंज: शिक्षित बेरोजगार युवकों को मोहरा बना कर लाखों रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है. यह गोरख धंधा सिर्फ किशनगंज में ही नहीं बिहार झारखंड के सभी 60 जिलों में चल रहा है. पंचायत शिक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रखंड विद्यालय, पंचायत विद्यालय निरीक्षक एवं विद्यालय सहायक के पद पर आठवीं पास से लेकर […]
किशनगंज: शिक्षित बेरोजगार युवकों को मोहरा बना कर लाखों रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है. यह गोरख धंधा सिर्फ किशनगंज में ही नहीं बिहार झारखंड के सभी 60 जिलों में चल रहा है. पंचायत शिक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रखंड विद्यालय, पंचायत विद्यालय निरीक्षक एवं विद्यालय सहायक के पद पर आठवीं पास से लेकर स्नातक योग्यता वाले बेरोजगार छात्रों को मोटी पगार का लालच देकर आवेदन शुल्क के नाम पर आवेदकों से दो सौ व ढाई सौ रुपये वसूले जाने का गोरखधंधा चल रहा है. जबकि इस रिक्तियों और बहाली के संबंध में शिक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं है.
बिहार एवं झारखंड के सभी 60 जिलों के लिए 57492 पद पर नियुक्ति के लिए बुक स्टॉलों पर विधिवत रूप से आवेदन फार्म बेचे जा रहे हैं. बाजार में बिक रहे फार्म में मानव संसाधन विकास विभाग भारत सरकार के गाइड लाइन का हवाला देते हुए बाल संस्कार विद्यालय में स्नातक पास के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक 15 हजार, इंटर पास के लिए प्रखंड विद्यालय निरीक्षक 12 हजार, मैट्रिक पास के लिए पंचायत विद्यालय निरीक्षक 10 हजार एवं आठवीं पास के लिए विद्यालय सहायक 5 हजार रुपये प्रति माह देने का उल्लेख किया है.
फर्जीवाड़ा कर ठगी करने वाले गिरोह ने सामान्य श्रेणी के आवेदकों से ढ़ाई सौ रुपये व एससीएसटी आवेदकों से बतौर आवेदन शुल्क डिमांड ड्रॉफ्ट के माध्यम से ह्यूमेन डेवलपमेंट प्लान आर्गेनाइजेशन के नाम से मांगा है, जो गया बिहार शाखा पर देय हो. आवेदन में निर्देश के अनुसार द सिक्रेटरी, ह्यूमन डेवलपमेंट प्लान आर्गेनाइजेशन(एचडीपीओ), क्षेत्रीय कार्यालय एमआईजी-91, हाउसिंग बोर्ड, एपी कॉलोनी, नियर, केपी लॉज गया भेजा जाना है. फर्जीवाड़ा करने वालों ने लोगों के आंखों में धूल झोंकने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और वेबसाइट का पता भी अंकित किया है.
इस प्रकार की रिक्तियां व नियोजन के संबंध में विभाग को कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सरासर फर्जीवाड़ा है और शिक्षित बेरोजगार युवकों को रोजगार के नाम पर ठगा जा रहा है.
मो ग्यासुद्दीन, जिला शिक्षा पदाधिकारी