ठाकुरगंज
ठाकुरगंज में एक बार फिर शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने गुरुवार की देर रात वाहन जांच के दौरान एक ट्रक से 3535 लीटर विदेशी शराब जब्त की है. हालांकि कार्रवाई के दौरान तस्कर मौके से फरार हो गया. जिससे इस पूरे नेटवर्क के पीछे संगठित गिरोह की आशंका और गहरा गई है. अशरफी ने बताया कि एंटी लिकर दस्ता प्रभारी शैलेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम बंगाल सीमा से सटे सखुआडाली पंचायत स्थित अस्थायी चेकपोस्ट पर सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी. इसी दौरान बंगाल की ओर से आ रहा बीआर09जीसी 5372 नंबर का आयशर ट्रक पुलिस को देखकर संदिग्ध प्रतीत हुआ. जैसे ही पुलिस टीम ने वाहन को रोकने का संकेत दिया, चालक वाहन छोड़कर भागने लगा. पुलिस ने तत्काल पीछा किया, लेकिन चालक खेतों के रास्ते अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. इसके बाद जब ट्रक की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई. ट्रक में ऊपर से चावल के बोरे लदे हुए थे, लेकिन नीचे छिपाकर 295 कार्टन विदेशी शराब रखी गई थी. जांच में पता चला कि बरामद शराब सिक्किम निर्मित है. कुल मिलाकर करीब 3535 लीटर शराब बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने मौके से ट्रक को जब्त कर लिया है और मद्यनिषेध अधिनियम के तहत वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. फरार चालक की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है.छलावरण का नया
तरीका,
चावल के नीचे शराब
तस्करों ने इस बार बेहद शातिर तरीका अपनाया. ट्रक में ऊपर से चावल के बोरे लाद दिए गए थे, ताकि पहली नजर में यह एक सामान्य खाद्य सामग्री से भरा वाहन लगे. लेकिन इन्हीं बोरों के नीचे सुनियोजित तरीके से विदेशी शराब के कार्टन छिपाकर रखे गए थे. यह तरीका न सिर्फ पुलिस की सामान्य जांच को भ्रमित करने के लिए था.सीमावर्ती इलाका बना तस्करों का सुरक्षित रूट
जानकारों का मानना है कि बंगाल सीमा से सटे इलाकों का इस्तेमाल लंबे समय से शराब तस्करी के लिए किया जा रहा है. रात के अंधेरे और ग्रामीण रास्तों का फायदा उठाकर तस्कर आसानी से पुलिस की नजर से बच निकलते हैं. इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है. पुलिस अब वाहन मालिक, चालक और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुट गई है.
पुलिस की सख्ती जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि तस्करी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके. इस कार्रवाई से यह साफ है कि तमाम सख्ती के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं, लेकिन पुलिस भी उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.
