247 बालिकाओं काे लगा गार्डासिल टीका
247 बालिकाओं काे लगा गार्डासिल टीका
शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने दोहराया संकल्प
किशनगंज. महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर एक ऐसी गंभीर चुनौती है, जो लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में विकसित होती है. इसका पता चलता है, तब तक यह जीवन के लिए खतरा बन चुकी होती है. इस बीमारी की जड़ में मानव पेपिलोमा विषाणु संक्रमण होता है, जो किशोरावस्था में ही शरीर में प्रवेश कर भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकता है. ऐसी परिस्थितियों में बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है. यही कारण है कि एचपीवी गार्डासिल वैक्सीन को बालिकाओं के लिए एक सुदृढ़ सुरक्षा कवच के रूप में अपनाया गया है. यह टीकाकरण केवल एक स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक गंभीर बीमारी से मुक्त रखने की दूरदर्शी नीति का हिस्सा है. वर्तमान समय में जब जागरूकता, संवाद और सामाजिक स्वीकार्यता किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की सफलता की कुंजी बन चुके हैं, तब समुदाय आधारित पहल जैसे ग्राम स्तर पर बैठकें अभियान को वास्तविक गति प्रदान करती हैं. बहादुरगंज प्रखंड के देवोत्तर बिरनिया में आयोजित बैठक इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जहां लोगों को न केवल जानकारी दी गयी, बल्कि उन्हें इस अभियान का सहभागी भी बनाया गया.
संवाद के माध्यम से जागरूकता का विस्तार
जिला सामुदायिक उत्प्रेरक सुमन सिन्हा ने बताया कि बहादुरगंज प्रखंड के देवोत्तर बिरनिया गांव में गार्डासिल टीकाकरण एवं पीएलए कार्यक्रम के अंतर्गत एक व्यापक सामुदायिक बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में ग्रामीणों को सरल और स्पष्ट शब्दों में टीकाकरण के महत्व, इसके लाभ तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में जानकारी दी गई.ग्रामीणों के साथ खुले संवाद के माध्यम से उनकी शंकाओं का समाधान किया गया, जिससे उनमें विश्वास का वातावरण बना. यह बताया गया कि यह टीका बालिकाओं को भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाने का सशक्त माध्यम है और इसे समय पर लेना अत्यंत आवश्यक है.इस अवसर पर जिला स्तर से डीसीएम सुमन सिन्हा, प्रखंड स्तर से प्रखंड सामुदायिक प्रबंधक, आशा फैसिलिटेटर तथा आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं. सभी ने मिलकर घर-घर पहुंच बनाने और प्रत्येक पात्र बालिका को टीकाकरण से जोड़ने का संकल्प लिया.
सामूहिक प्रयासों से मिल रही ठोस उपलब्धि
जिले में चल रहे मानव पेपिलोमा विषाणु टीकाकरण अभियान के अंतर्गत खबर लिखे जाने तक कुल एक हजार नौ सौ तीन बालिकाओंको टीका लगाया जा चुका है. विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि केवल आज के दिन ही दो सौ तैंतालीस बालिकाओं का टीकाकरण किया गया, जो इस अभियान की बढ़ती गति और प्रभावशीलता को दर्शाता है. यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब समुदाय, स्वास्थ्य कर्मी और प्रशासन एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आते हैं.