एचपीवी टीकाकरण अभियान तेज, 18,085 बालिकाओं को सुरक्षित करने का लक्ष्य
किशनगंज. वर्तमान समय में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सबसे गंभीर चुनौतियों में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर एक प्रमुख समस्या के रूप में उभरकर सामने आया है. इस बीमारी का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण होता है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे शरीर में विकसित होता है. समय के साथ गंभीर रूप ले सकता है. ऐसी स्थिति में समय रहते बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है. इसी उद्देश्य से एचपीवी ”गार्डशील” वैक्सीन को एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में अपनाया गया है. यह टीका बालिकाओं को भविष्य में इस गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.सरकार द्वारा 18,085 बालिकाओं को नब्बे दिनों के भीतर इस टीकाकरण से आच्छादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित व स्वस्थ बनाने की एक दूरदर्शी पहल है. वर्तमान परिस्थितियों में, जब जागरूकता और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है, यह अभियान और भी महत्वपूर्ण बन जाता है. ऐसे में समाज के प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है कि वे इस पहल को समझें. अपनी बालिकाओं को समय पर यह सुरक्षा अवश्य प्रदान करें.
जिले में संचालित इस टीकाकरण अभियान के अंतर्गत अब तक 227 बालिकाओं को टीका लगाया जा चुका है. यह संख्या इस बात का संकेत है कि समाज में धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है. अभिभावक अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर सजग हो रहे हैं. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक बालिकाओं को इस अभियान से जोड़ा जा सके. विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों व समुदाय स्तर पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं.सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि यह टीकाकरण अभियान हमारी बेटियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है. अभिभावकों को चाहिए कि वे आगे आएं. अपनी बालिकाओं को यह टीका अवश्य दिलवाएं. यह एक सुरक्षित व प्रभावी उपाय है, जो भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारी से बचाव करता है. इस दिशा में विभाग की ओर से माइक्रोप्लानिंग तैयार कर कार्य योजना बनायी गयी है.
