जदयू का गंठबंधन में बने रहना असंभव था : मुजाहिद

* जदयू-भाजपा गंठबंधन टूटने से गरमायी जिले की राजनीतिकिशनगंज : 17 वर्ष पुराने गंठबंधन में टूट भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं द्वारा बिहार में किये गये हस्तक्षेप व एनडीए के राष्ट्रीय एजेंडा की अवहेलना का प्रतिफल है. ये बातें जिला जदयू अध्यक्ष मास्टर मुजाहिद आलम ने रविवार को स्थानीय सुभाषपल्ली स्थित जिला जदयू कार्यालय में संवाददाता […]

* जदयू-भाजपा गंठबंधन टूटने से गरमायी जिले की राजनीति
किशनगंज : 17 वर्ष पुराने गंठबंधन में टूट भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं द्वारा बिहार में किये गये हस्तक्षेप व एनडीए के राष्ट्रीय एजेंडा की अवहेलना का प्रतिफल है. ये बातें जिला जदयू अध्यक्ष मास्टर मुजाहिद आलम ने रविवार को स्थानीय सुभाषपल्ली स्थित जिला जदयू कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में जदयू का गंठबंधन में बने रहना असंभव हो गया था.

श्री आलम ने कहा कि नरेंद्र मोदी गुजरात के नेता हो सकते है पूरे देश में उनकी कोई लोक प्रियता नहीं है. 2005-10 के विधान सभा चुनाव में नीतीश कुमार के बल पर एनडीए की सरकार बनी थी. आज बिहार में भाजपा का जो भी जनाधार है वह नीतीश कुमार की देन है.

भाजपा ने सदा जदयू से लाभ ही जिया कभी लाभ देने का कार्य नहीं किया. जदयू ने नरेंद्र मोदी को कभी भी बिहार में चुनाव प्रचार करने नहीं दिया. यहां तक कि कोसी बाद त्रासदी के दौरान उनके द्वारा दिये गये 5 करोड़ की सहायता राशि को भी लौटा दिया था.

इस मौके पर बुलंद अख्तर हाशमी, रियाज अहमद, संजय मोदी, विजय रामदास, एसएम असगरी, वसीम रजा खान, प्रवेज आलम गुड्डू, कमाल अंजुम, जलील अहमद, नूर इस्लाम नूरी, पार्वती शर्मा, महेश साह, निलीमा साह, अनिल पासवान, सहना बेगम, बलराम दास, नूर मोहम्मद, तारिक इकबाल, प्रियंका , हृदय रंजन सिन्हा आदि मौजूद थे.

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