किशनगंज : दानिश रब्बानी उर्फ सोनू लाल की हत्या उसके अपहरण के दिन ही कर दी गयी थी तथा आरोपियों ने उसके शव को सुपौल जिला स्थित कोसी महासेतु में फेंक दिया था. सोनू लाल की हत्या के लिए फिरदौस ने मोहम्मद को एक लाख की सुपारी दी थी तथा 40 हजार अग्रिम भी दे दिया था. ये बातें पुलिस अधीक्षक दीपक वरनवाल ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही.
उन्होंने कहा कि सोनू की हत्या पुरानी रंजिश में की गयी. अपराधियों ने घटना को पूर्व नियोजित योजना के तहत अंजाम दिया है. मामले के सभी आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है तथा पुलिस अभियुक्तों को कड़ी से कड़ी सजा दिये जाने को ले कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. पुलिस यह भी प्रयास करेगी कि आरोपी जल्द जमानत पर रिहा न हो सके.
पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य : उन्होंने कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. चंद वर्षो में अभियुक्तों द्वारा अजिर्त किये गये अकूत संपत्ति की भी पुलिस जांच करेगी व स्पीडी ट्रॉयल चला कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम करेगी. पीड़ित परिवार के साथ पुलिस की पूरी सहानुभूति है. मामले के फरार अभियुक्तों के घरों में कुर्की-जब्ती का इश्तेहार पूर्व में चस्पा दिया गया है. एक दो दिनों के भीतर आरोपी के घरों की कुर्की की जायेगी. उन्होंने कहा कि सोनू लाल का शव अब तक बरामद नहीं किया जा सका है, परंतु कोसी नदी के किनारे स्थित थानों को शव की बरामदगी के लिए एलर्ट कर दिया गया है.
आरोपियों से सोनू की थी पुरानी दुश्मनी : घटना के संबंध में एसपी श्री वरनवाल ने कहा कि इस मामले के आरोपियों के साथ सोनू लाल की पुरानी दुश्मनी थी. अपराधियों को यह डर सताने लगा था कि अगर सोनू लाल को रास्ते से नहीं हटाया गया तो एक न एक दिन वह हमारी हत्या कर देगा. इसे लेकर सभी अपराधियों ने मिल कर एक योजना के तहत मोहम्मद से सोनू लाल की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने को कहा. किशनगंज कारा में एक साथ सजा काट रहे मोहम्मद ने योजना के तहत सोनू से दोस्ती कर ली. 17 अगस्त को मोहम्मद सोनू लाल को अस्पताल गेट से अपनी दोस्ती का वास्ता देकर अरशद की ऑल्टो कार से ले गया. गाछपाड़ा के निकट निशाद, अजय, टिंकु आदि स्कार्पियो में सवार होकर उसका इंतजार कर रहे थे.
गाछपाड़ा के निकट अपहृत सोनू लाल को स्कार्पियो में डाल दिया गया और सभी ने मिल कर सोनू लाल की हत्या कर शव को एनएच 57 स्थित कोसी महासेतु ले जाकर उफनती कोसी नदी में फेंक दिया.
अलग-अलग रास्ते पर निकले सभी
घटना को अंजाम देने के बाद सभी अभियुक्तों ने अपना-अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया व अलग-अलग रास्ते पर निकल गये. निशाद स्कार्पियो के साथ किशनगंज लौटा व इस्लामपुर में गाड़ी की धुलाई कर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित गणनायक होटल के कमरा नंबर 106 में जा कर ठहर गया. घटना के दूसरे दिन मोहम्मद भी अपनी पत्नी के साथ वहां पहुंच गया. अपहरण के दो दिन बाद सोनू लाल के परिजन द्वारा उसके अपहरण की शिकायत दर्ज किये जाने के बाद पुलिस ने फिरदौस खान उर्फ सब्बो को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. जबकि शेष की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाने लगी. इसके फलस्वरूप छह अपराधियों ने आत्म समर्पण कर दिया. जिन्हें पुलिस ने बाद में रिमांड पर लेकर पूछताछ की व साक्ष्यों को जोड़ कर मामले का उद्भेदन कर दिया.
