किशनगंज : मंगलवार को आदिशक्ति मां दुर्गा की विदाई हर्षोल्लास के बीच अश्रुपूर्ण आंखों से की गयी. इसी के साथ 10 दिनों का शारदीय नवरात्र के पर्व का समापन हो गया. शक्ति की देवी मां दुर्गा के उपासना और आराधना का क्रम मां के पट खुलने के साथ ही परवान चढ़ने लगा था. अष्टमी और नवमी को उपासकों ने पूजा की और महिलाओं ने मां का खोईचा भरकर गुलाल-अबीर एक दूसरे को लगाकर जश्न मनाया.
समृद्धि का वरदान दे विदा हुई मां दुर्गा
किशनगंज : मंगलवार को आदिशक्ति मां दुर्गा की विदाई हर्षोल्लास के बीच अश्रुपूर्ण आंखों से की गयी. इसी के साथ 10 दिनों का शारदीय नवरात्र के पर्व का समापन हो गया. शक्ति की देवी मां दुर्गा के उपासना और आराधना का क्रम मां के पट खुलने के साथ ही परवान चढ़ने लगा था. अष्टमी और […]

इस दौरान शहर के मंदिरों ओर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. नवरात्र के अंतिम दिन मंगलवार दोपहर बाद पूजा पंडालों से मां दुर्गा की विदाई हुई. सैकड़ों भक्तों ने मां के डोली को कंधा दिया ओर सायंकाल, रमजान नदी में मां दुर्गा के प्रतिमा को विसर्जित कर दिया गया.
शांतिपूर्ण मना नवरात्र का त्योहार : शारदीय नवरात्र को लेकर शहर के दो दर्जन जगहों पर पूजा का आयोजन किया गया था. वहीं शहर के रूईधासा, मनोरंजन क्लब, डे मार्केट दुर्गा बाड़ी, शीतला मंदिर, बड़ीकोठी, पश्चिम पाली, धरमगंज, सुभाषपल्ली, मिल्लनपल्ली, डमुरिया, डुमरिया भट्ठा, खगड़ा इत्यादि में तीन दिनों तक मेले का आयोजन किया गया.
वहीं प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी कहीं से कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं है. एक तरफ समिति के वोलेंटियर व नागरिक एकता मंच थे, तो दूसरी तरफ डीएम हिमांशु शर्मा तथा एसपी कुमार आशीष समेत आलाधिकारी पूजा पंडालों एवं विधि-व्यवस्था का जायजा लेते रहे. सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की गयी थी.
चाक चौबंद थी सुरक्षा व्यवस्था : विसर्जन जुलूस में सुरक्षा को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी.मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पर प्रतिबंध लगा रहा.वहीं तय रूट के मुताबिक जुलूस अपनी मंजिल के तरफ बढ़ता रहा. इस दौरान जुलूस के साथ-साथ मुस्तैद पुलिस के जवान और अधिकारी सब पर पैनी निगाह बनाये हुए थे. देरशाम तक रमजान नदी तट पर मूर्ति विसर्जन के दौरान भी पुलिस के जवान मौजूद थे.
आबार फिर एशो मां… : शीतला मंदिर मं मां की विसर्जन शोभायात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा में महिलाएं लालपाड़ व रंगीन साड़ी पहन कर शामिल हुई. साथ ही शंख ध्वनि व उल्लुक ध्वनि करती हुई शोभायात्रा में चल रही थी. सामूहिक नृत्य भी कर रही थी. विसर्जन स्थानीय रमजान नदी में हुआ.