ड्राइवर दिलीप ने खोले कई राज, हो रही जांच

किशनगंज : शराबबंदी के बाद किशनगंज पुलिस ने पहली बार उत्पाद विभाग में छापेमारी कर ड्राइवर को गिरफ्तार किया. जिसे गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से उत्पाद विभाग में खलबली मच गई है. पुलिस सूत्र की माने तो गिरफ्तार ड्राइवर दिलीप ने कई राज की बात बतायी […]

किशनगंज : शराबबंदी के बाद किशनगंज पुलिस ने पहली बार उत्पाद विभाग में छापेमारी कर ड्राइवर को गिरफ्तार किया. जिसे गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई से उत्पाद विभाग में खलबली मच गई है.

पुलिस सूत्र की माने तो गिरफ्तार ड्राइवर दिलीप ने कई राज की बात बतायी है. ड्राइवर ने कहा कि वह विभागीय कुछ लोगों की साजिश का शिकार बना है. जिस रूम से कार्रवाई हुई है वहां तो सिर्फ अस्थाई रूप से रहता था. मुझे फंसाया गया है. गिरफ्तार ड्राइवर ने पूछताछ में 33 लीटर स्प्रिट मामले में विभाग के एक अवर पुलिस निरीक्षक व सिपाही की संलिप्तता की बात कही है.
पुलिस को और कई अहम जानकारी मिली है. जिसपर बिंदुवार जांच करने में जुटी है. मालूम हो कि पुलिस मुख्यालय को मिली सूचना के बाद एसडीपीओ डॉ अखिलेश कुमार के नेतृत्व में थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश तिवारी सदलबल के साथ बुधवार को उत्पाद अधीक्षक कार्यालय परिसर स्थित ड्राइवर के क्वार्टर में छापेमारी कर ड्राइवर को गिरफ्तार किया था।मामले के तह तक जाने पर कई बड़े राज से पर्दा उठाना लाजमी है.
उत्पाद विभाग के कई अफसर रडार पर : पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच व ड्राइवर से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले है. सूत्र की माने तो उत्पाद विभाग के एक दरोगा व सिपाही की संलिप्तता को लेकर जांच चल रहा है. ये दोनों कर्मी पुलिस के रडार पर है.ड्राइवर शराब व स्प्रिट रखने के कार्य में कब से संलिप्त था. जिसकी जानकारी विभाग के किसी अधिकारी व कर्मी को थी या नहीं, यह जांच का विषय बना हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >