किशनगंज : जिले के नेशनल उच्च विद्यालय में मैट्रिक की उतर पुस्तिका जांच केंद्र पर गुरुवार को वहां तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी द्वारा आधा घंटा विलंब से पहुंचने पर मूल्यांकन कार्य में लगी महिला शिक्षकों को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया. जिससे आक्रोशित महिला शिक्षिकाएं मजिस्ट्रेट व पुलिस कर्मियों से उलझ गयी.
सेटर मजिस्ट्रेट पर महिला शिक्षिकाओं ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
किशनगंज : जिले के नेशनल उच्च विद्यालय में मैट्रिक की उतर पुस्तिका जांच केंद्र पर गुरुवार को वहां तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी द्वारा आधा घंटा विलंब से पहुंचने पर मूल्यांकन कार्य में लगी महिला शिक्षकों को अंदर प्रवेश करने से रोक दिया. जिससे आक्रोशित महिला शिक्षिकाएं मजिस्ट्रेट व पुलिस कर्मियों से उलझ गयी. घटना की […]

घटना की सूचना मिलते ही डीपीओ स्थापना कुंदन कुमार मौके पर पहुंच दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया. जबकि महिला शिक्षिकाओं ने दुर्व्यवहार करने का आरोप मजिस्ट्रेट पर लगाया.
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को कॉपी मूल्यांकन में निर्धारित समय से कुछ देरी से सेंटर पहुंचने के कारण शिक्षिका सुमन लता, गुड्डी कुमारी सहित अन्य को भीतर जाने नहीं दिया गया और गेट पर तैनात सुरक्षकर्मी द्वारा मुख्य गेट बंद करने के क्रम में शिक्षिका सुमन लता को चोट लग गयी जिसके बाद मूल्यांकन केंद्र और तैनात शिक्षक, शिक्षिकाओं ने इसका विरोध किया और तुरंत मजिस्ट्रेट एवं सुरक्षाकर्मी को हटाने की मांग करने लगे. जिसके बाद कुछ देर के लिए वहां उहापोह की स्थिति बन गयी.
घटना की सूचना के उपरांत मौके पर पहुंचे एडीएम और कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कुंदन कुमार ने समझा-बुझाकर सभी को शांत कराया और मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मी को तत्काल वहां से हटाकर मूल्यांकन कार्य फिर से शुरू कराया. वहीं पीड़ित शिक्षिका सुमन लता ने आरोप लगाते हुए कहा कि मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था. गुरुवार को कुछ मिनट देरी से पहुंचने के कारण बार-बार आग्रह करने के बावजूद मुख्य गेट को नहीं खोला गया.
क्या कहते हैं मजिस्ट्रेट
मूल्यांकन केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट अमर कुमार शर्मा ने कहा कि दिशा निर्देश के अनुरूप निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्र का गेट सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया. मूल्यांकन कार्य में प्रतिनियुक्त कुछ महिला शिक्षिकाएं आधा घंटा विलंब से पहुंची जब उन्हें विलंब के कारण अंदर प्रवेश करने से मना किया गया तो वे पुलिस कर्मियों से उलझ गयी. उनके द्वारा लगाये गये सभी आरोप निराधार है.