किशनगंज प्रखंड का ग्रामीण क्षेत्र आज भी विकास की रोशनी से कोसों दूर

किशनगंज : सरकार गांव पंचायत के विकास के लिये हर साल कृषि, सड़क,शिक्षा, रोजगार, सड़क, भवन आदि विभिन्न योजना मद से लाखों करोड़ों की राशि खर्च कर रही है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के विकास की जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है. आज भी जिला मुख्यालय से सटा किशनगंज प्रखंड विकास की रोशनी से […]

किशनगंज : सरकार गांव पंचायत के विकास के लिये हर साल कृषि, सड़क,शिक्षा, रोजगार, सड़क, भवन आदि विभिन्न योजना मद से लाखों करोड़ों की राशि खर्च कर रही है. लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के विकास की जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है. आज भी जिला मुख्यालय से सटा किशनगंज प्रखंड विकास की रोशनी से दूर है. किशनगंज प्रखंड के करीब ढाई लाख लोगों को शुद्धपेयजल, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व कृषि लाभ नहीं मिल सका है.

ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है. कृषि क्षेत्र से लोगों का मोहभंग होता दिख रहा है. सरकारी स्तर पर किये जा रहे बड़े-बड़े वायदे व संचालित की जा रही योजनाएं विफल साबित होते दिख रहे है. हर वर्ग के मजदूर, किसान सरकारी योजनाओं पर टकटकी लगाये बैठे है.

लेकिन कोई लाभ इन तक नहीं पहुंच रहा. सरकारी तंत्र की बात करें तो अधिकांश कार्य कागजातों को समेटते ही सरकारी बाबुओं के दिन बीत जाते है.आम लोगो की समस्याओं जस की तस बनी हुई है.

कई सड़कें जर्जर, नहीं होती रिपेयरिंग
किशनगंज प्रखंड में बने दर्जनों प्रधानमंत्री ग्राम सडक, मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना, से सड़के बनी जरूर है. लेकिन निर्माण के एक वर्ष में ही सड़क जर्जर होने लगता है. ग्रामीणों के शिकायत के बावजूद समय पर सड़कों का मरम्मती कार्य नहीं होता. जबकि मरम्मती किये बिना संवेदक को राशि भी मिल जाती है.

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