किशनगंजः स्थानीय सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे मां व उसके तीन बच्चों के शव के समीप विलाप करते मृतक के वृद्ध पिता अतीबउद्दीन के कारुणिक कंद्रन को सुन उपस्थित लोगों की आंखें भी नम हो गयी. पूछताछ के क्रम में हालांकि अतीबुद्दीन ने पहले तो कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया परंतु काफी कुरेदे जाने पर उसने जो दास्तां सुनायी वह इंसानियत व मानवीय रिश्तों को शर्मसार करने वाली थी.
उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री सुशीला के शौहर का अपने ही छोटे भाई की पत्नी से नाजायज संबंध है, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था. सुशीला ने अपने मायके वालों को घटना की जानकारी देते हुए कई बार खुदखुशी कर लेने की मंशा बतायी थी. परंतु परिवार जनों द्वारा समझाने-बुझाने के बाद उसे हर बार मना लिया जाता था. अतीबउद्दीन ने बताया कि दामाद के छोटे भाई मुस्तकीम की बीबी भूमिका के संग उसका नाजायज संबंध विगत कई वर्षो से चल रहा था.
परंतु मुस्तकीम के रोजगार की तलाश में सिक्किम चले जाने के बाद दोनों सुशीला के सामने ही नाजायज संबंध स्थापित करने लगे थे, जिसका पुरजोर विरोध सुशीला द्वारा किये जाने पर दोनों मिल कर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे. गत बुधवार को भी सुशीला ने दोनों को एक बार फिर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया तथा आत्मघाती फैसला ले लिया. पेशे से मैजिक चालक पति मुजीब के घर से बाहर जाते ही उसने घर में रखे कीटनाशक को जबरन बच्चों को पिला दिया तथा खुद भी जहर खा ली.
कुछ क्षण के बाद बच्चों सहित उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. ठीक उसी वक्त सुशीला का भाई अपनी बहन का हाल-चाल जानने उसके घर पहुंचा. अपनी बहन व उसके बच्चों को चिंताजनक स्थिति में देख उसने फौरन सबों को इलाज हेतु पौआखाली पीएचसी में भरती कराया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. परंतु सदर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा उन्हें एमजीएम कॉलेज रेफर कर दिया गया. जहां इलाज के क्रम में चारों की मौत हो गयी.
स्थानीय सदर अस्पताल में मृतक शव के पास विलाप करते हुए मृतका के पिता अलीबउद्दीन ने मुस्तकीम की बीबी भूमिका के संबंध में भी कई चौंकाने वाले खुलासे किये. उन्होंने बताया कि गिलाबाड़ी निवासी भूमिका की शादी पूर्व में भी एक अन्य युवक के साथ हुई थी. परंतु उसके संदेहास्पद चाल चलन के कारण उसके पति ने उसे त्याग दिया था.
बाद में मुजीब व उसके छोटे भाई मुस्तकीम भी भूमिका से शादी करना चाहते थे. एक दिन दोनों भाई मिल कर भूमिका को अपने घर ले आये. भूमिका का दोनों भाईयों के साथ संबंध था, जिसे लेकर दोनों भाईयों के बीच विवाद भी हुआ था तथा स्थानीय स्तर पर पंचायती भी बुलायी गयी थी, जिसमें पंचों ने मुजीब के पूर्व से शादीशुदा होने के कारण मुस्तकीम को भूमिका संग शादी करने की इजाजत दे दी. इधर मुस्तकीम के रोजगार की तलाश में सिक्किम चले जाने के बाद मुजीब ने भूमिका से संबंध बना लिया.
मुजीब का यह आचरण सुशीला को नागवार गुजरा और उसने पहले अपने तीनों बच्चों को जहर पिला दी और बाद में खुद जहर खा लिया. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि साबिर आलम ने इस घटना को बेहद मार्मिक और अमानवीय बताया है तथा कहा है कि इस घटना से पूरा पंचायत गमजदा है. उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की है.
