जुर्म . रसूखदार लोगों के सरपरस्ती में काटे गये िवशाल पेड़
डीइओ ने संबंधित बीइओ को दिये जांच के आदेश
किशनगंज : सरकारी नियम को ताख पर रखकर सरकारी स्कूल में लगे दो हरे पेड़ों को अवैध रूप से काटकर बेचने की बात सामने आते ही विभाग में सनसनी फैल गई है. मामला किशनगंज प्रखंड के दौला पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दौला का है. हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल के हेडमास्टर को इसकी जानकारी नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को स्कूल बंद होने का फायदा गांव के कुछ रसूखदार लोग स्कूल के कुछ शिक्षक की मदद से स्कूल परिसर में
लगे सिरिस का पेड़ को अवैध रूप से काटकर बेच दिया.जबकि एक पेड़ आधा अधूरा कटा पड़ा है. ग्रामीणों के अनुसार पेड़ की अनुमानित कीमत 40 हजार रुपये बताई गई है. वहीं ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इससे पूर्व भी विशाल शीशम के पेड़ को अवैध तरीके से काटकर बेच दिया गया था. जब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो तत्कालीन प्रधान शिक्षक ने बेंच व डेस्क बनाने की बात कही. लेकिन खानापूर्ती के लिये दो चार बेंच डेस्क ही बनाये गये.
प्रधान शिक्षक को पेड़ काटने की नहीं है जानकारी
रविवार को काटे गये पेड़ के विषय में वर्तमान प्रधान शिक्षक संजीव कुमार ने बताया कि पेड़ काटने की जानकारी मुझे नहीं है. इस विषय में विद्यालय में किसी तरह का कोई बैठक भी नहीं हुई है. पेड़ तो काटा गया है जिसकी पड़ताल जारी है. वहीं विद्यालय के अध्यक्ष वार्ड सदस्य मोहमद इकरामुल हक ने बताया कि स्कूल का चाहरदीवारी निर्माण होना है. इसलिये पेड़ काट लिया गया है. पहले भी जिले के कई स्कूल में अवैध रूप से पेड़ काटकर बेचने का मामला विभागीय अधिकारी को मिला लेकिन कार्रवाई नहीं होने से इस तरह के प्रवृति बढ़ रही है.
बिना स्कूल प्रशासन व शिक्षक की मिलीभगत से सरकारी संपत्ति को काटकर बेचने की हिमाकत आम जनता नहीं करेगी. डीईओ विश्वनाथ साह ने इस बाबत डीईओ विश्वनाथ साह ने कहा कि वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काटने की मनाही है. किशनगंज प्रखंड के बीईओ को मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है.दोषी पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
