किशनगंज : अलकायदा आतंकी संगठन का संबंध किशनगंज से होने को लेकर इंटरपोल व दिल्ली स्पेशल ब्रांच गंभीर है़ इंटरपोल ने किशनगंज पुलिस को पत्र लिख कर 18 सितंबर को पकड़े गये आतंकी का रिकार्ड तलब किया है़ मालूम हो कि दिल्ली स्पेशल ब्रांच ने अलकायदा आतंकी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था़ ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त शमीउल हक उर्फ सोमेन हक के पास किशनगंज के पहचान पत्र के संबंध में रिकार्ड तलब किया है़ इसके बाद किशनगंज जिले के सभी थानाध्यक्षों को पहचान पत्र के सत्यापन व जांच कार्य सौंपा गया है़ एसडीपीओ कामिनी बाला ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को एलर्ट कर समुचित रिपोर्ट मांगी गयी है़
गिरफ्तार सोमेन के पास मिला था किशनगंज का पहचान पत्र
किशनगंज : अलकायदा आतंकी संगठन का संबंध किशनगंज से होने को लेकर इंटरपोल व दिल्ली स्पेशल ब्रांच गंभीर है़ इंटरपोल ने किशनगंज पुलिस को पत्र लिख कर 18 सितंबर को पकड़े गये आतंकी का रिकार्ड तलब किया है़ मालूम हो कि दिल्ली स्पेशल ब्रांच ने अलकायदा आतंकी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था़ ब्रिटिश […]

सोशल साइट के जरिये युवाओं का करता था ब्रेन वॉश : आतंकी शमीउल हक सोशल साइट के जरिये युवाओं को बरगला कर आतंकी संगठन से जोड़ने का कार्य करता था़ भारत व बांग्लादेश में इसकी सक्रियता अधिक थी. खुफिया एजेंसी ने ही आतंकी शमीउल हक की गतिविधियों की जानकारी इंटरपोल को उपलब्ध करायी थी़ इसी आधार पर 18 सितंबर को दिल्ली पुलिस व स्पेशल ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था़ आतंकी शमीउल हक के पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट व किशनगंज का परिचय पत्र बरामद किया गया है़
पूछताछ में उसने दर्जन भर युवाओं को आतंकी बनाने की बात स्वीकारी है़ पूछताछ में उसने अपना नाम शुमोन हक, निवासी किशनगंज (बिहार) बताया. इस नाम व पते का उसके पास से वोटर कार्ड भी मिला था. अलकायदा आतंकी के किशनगंज कनेक्शन मामले में अब तक किसी प्रकार के अलर्ट संबंधित निर्देश वरीय अधिकारियों या खुफिया विभाग से जारी नहीं किया गया है. इधर एसडीपीओ कामिनी बाला ने भी बताया कि पुलिस हमेशा अलर्ट रहती है. आतंकी कनेक्शन से संबंधित किसी प्रकार की गतिविधियां किशनगंज में नहीं है. हालांकि थानाध्यक्ष से इस बाबत रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. एसडीपीओ कामिनी बाला ने बताया कि क्राइम मीटिंग में नेपाल सीमा से सटे एसएचओ को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है.
भारत व बांग्लादेश में सक्रिय
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सोमेन का संबंध बांग्लादेश से रहा है. आतंकी गतिविधियों की रणनीति और षड़यंत्र बनाने में यहां के भी स्लीपर सेल का हाथ रहा है. ऐसे में संभावित खतरे को टालने के मद्देनजर इंटरपोल मामले की तह तक जाना चाह रहा है. बांग्लादेशी मूल का शमी उल रहमान ब्रिटिश नागरिक है. आतंकी ने अपने कई नाम रखे थे. शमी हम्दान उर्फ शुमोन हक उर्फ राजू भाई के नाम से भी जाना जाता है.