बैंक की सुरक्षा-व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

दिघलबैंक : उत्तर बिहार की टप्पू शाखा में अपराधियों द्वारा चोरी के प्रयास की घटना ने बैंक के सुरक्षा-व्यवस्था की पोल खोल दी है. बैंक सुरक्षा को लेकर सीमावर्ती यह इलाका हाइ रिस्क जोन में है. बावजूद इसके अपराधियों ने पिछले साल भी कई एटीएम को तोड़ने का प्रयास किया था. ग्रामीण इलाके में विभिन्न […]

दिघलबैंक : उत्तर बिहार की टप्पू शाखा में अपराधियों द्वारा चोरी के प्रयास की घटना ने बैंक के सुरक्षा-व्यवस्था की पोल खोल दी है. बैंक सुरक्षा को लेकर सीमावर्ती यह इलाका हाइ रिस्क जोन में है. बावजूद इसके अपराधियों ने पिछले साल भी कई एटीएम को तोड़ने का प्रयास किया था. ग्रामीण इलाके में विभिन्न बैंकों की अधिकांश शाखाओं में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं की गयी है. केवल ग्रामीण पुलिस (चौकीदार) की ड्यूटी लगायी गयी है. बैंकों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं.

सायरन की व्यवस्था भी बैंकों में होती है. लेकिन पर्याप्त गार्ड की कमी से बैंकों की सुरक्षा-व्यवस्था भगवान भरोसे है. सशस्त्र सुरक्षा कर्मी का कोई इंतजाम नहीं है. बैंक में लगे इमरजेंसी सायरन को भी जंग ही लग गयी होगी. इसकी कभी जांच नहीं होती है. जबकि बैंक की सुरक्षा कर रहे ग्रामीण पुलिस सुरक्षा कम और बैंक के भीतर कागजी काम निबटाते ही देखे जाते है.

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार ने बताया कि हरूवाडांगा में जिस प्रकार ताला तोड़ चोरी की घटना को अंजाम देने की कोशिश की गयी थी. उसी प्रकार का तरीका यहां हुआ है. पुलिस द्वारा बड़ी बारीकी से जांच की जा रही है.चोर जल्द सलाखों के पीछे होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >