एमएसडीपी योजना के तहत बने भवनों का निर्माण अब तक अधूरा

अधूरे भवनों में जंगल झाड़ उग आये हैं. ठाकुरगंज : वित्तीय वर्ष 2013-14 में प्रखंड के 79 विद्यालयों में एमएसडीपी योजना के तहत बनने वाले एक कक्षीय भवनों का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा है. प्रखंड में एमएसडीपी योजना में हुए घोटाले के कारण अधूरे पड़े इन भवनों के कारण प्रखंड के हजारों छात्र […]

अधूरे भवनों में जंगल झाड़ उग आये हैं.

ठाकुरगंज : वित्तीय वर्ष 2013-14 में प्रखंड के 79 विद्यालयों में एमएसडीपी योजना के तहत बनने वाले एक कक्षीय भवनों का निर्माण तीन साल बाद भी अधूरा है. प्रखंड में एमएसडीपी योजना में हुए घोटाले के कारण अधूरे पड़े इन भवनों के कारण प्रखंड के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं. विभिन्न विद्यालयों में कंप्यूटर कक्ष के नाम पर बनने वाले इन अधूरे भवनों के कारण पहले से जगह की कमी का दंश झेल रहे कई विद्यालयों में अब नये भवन बनने की जगह तो है ही नहीं साथ ही एमएसडीपी फंड से भविष्य में साकार होने वाली कोई भी योजना का लाभ भी नहीं मिलने की चिंता ग्रामीणों को खायी जा रही है.
बताते चले कि वित्तीय वर्ष 13-14 के दौरान एमएसडीपी योजना अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के एक कक्षीय भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 82 लाख रुपये आवंटित हुए थे. इस राशि के तहत प्रत्येक विद्यालय में तीन लाख 58 हजार की राशि से एक कक्षीय भवन का निर्माण करना था. परंतु पूरी-की-पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी. जिस कारण प्रखंड के कई स्कूलों में तो बिना नींव खुदाई के ही आधी राशि निकाल ली गयी तो कही पूरी राशि निकाल ली गयी. कही लिंटर तक निर्माण कर राशि का बंदरबांट कर लिया गया. आज हालत यह है कि इन अधूरे भवनों में कही तो जंगल झाड़ उग आये हैं तो कही ईंट बिखर कर खंडहर हो चुके है.
क्या कहते है बीडीओ
इस मामले में ठाकुरगंज प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी गनौर पासवान ने बताया की मामला अभी हाइकोर्ट में है. इसलिए इस मामले में कोई भी बयान नहीं दे सकता. बताते चले कि एमएसडीपी घोटाले को लेकर ठाकुरगंज प्रखंड की पूर्व प्रमुख सोगरा नाहिद ने एक जनहित याचिका पटना हाइकोर्ट में दाखिल की है. जिसमें संज्ञान लेते हुए हाइकोर्ट में मामला निगरानी को सौंप दिया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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