जीआर राशि दिलाने के नाम पर जम कर उगाही

दिघलबैंक : बाढ़ की विनाशलीला के डेढ़ माह बाद भी पीड़ितों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है. लाेगों का कहना है कि जिस प्रकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वे किया गया है उसी में भारी खामी है. एक ओर जहां बाढ़ ने जहां सब कुछ तबाह कर दिया वहीं अब तथा-कथित […]

दिघलबैंक : बाढ़ की विनाशलीला के डेढ़ माह बाद भी पीड़ितों को राहत के नाम पर कुछ नहीं मिला है. लाेगों का कहना है कि जिस प्रकार से बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वे किया गया है उसी में भारी खामी है. एक ओर जहां बाढ़ ने जहां सब कुछ तबाह कर दिया वहीं अब तथा-कथित बिचौलिया जीआर राशि दिलाने के नाम पर जम कर उगाही लगे है. जबकि जिनका नाम सूची में जोड़ा गया है उसे भी अब तक राशि प्राप्त नहीं हुई है. लिहाजा लोगों का गुस्सा फूटना लाजमी है.

बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि आखिर ऐसे राहत का क्या फायदा जिसको लेने के लिए इतना माथा पच्ची करना पड़े.जबकि बिचौलिये इस प्राकृतिक आपदा के बाद कष्ट से कराह रहे लोगों से भी अपना घर भर लिया है या फिर भरने की तैयारी में है.गौतलब है कि पिछले माह की 11 तारीख को बाढ़ ने यहां जमकर तबाही मचायी थी. तब भी लोग राहत के लिये तरसते रहे और अब भी हालत जस के तस है. जल तांडव में दिघलबैंक प्रखंड की सभी 16 पंचायतें पूरी तरह से प्रभावित है

लेकिन राशि किसे और किस पैमाने के आधार पर मिल रहा है है या मिलेगा यह अभी यक्ष प्रश्न बना हुआ है.जिससे नाराज लोग अपना गुस्सा निकाल रहे है बीते 11 दिनों में दिघलबैंक में ये दूसरा मामला है जब बाढ़ पीड़ित सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहें है. जबकि समाज के प्रबुद्ध लोगों की माने तो सरकारी चौपट व्यवस्था के कारण ऐसे हालात उतपन्न हुए है जरूरत मंदो के बदले दूसरे और रसूख वाले लोग इस राहत का फायदा उठा रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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