कोचाधामन : प्रखंड के बगलबाड़ी पंचायत के बारहमसिया गांव के लोग इन दिनों महानन्दा नदी के तीव्र कटाव से आशंकित है. गांव के लोगों को इस बात की भय सताने लगा है है कि कहीं उनका आशियाना भी नदी के आगोश में न समा जाय. महानन्दा नदी तीव्र गति से उपजाऊ जमीन को काटते हुए बारहमसिया गांव ओर बढ़ते जा रही है.
जिसे देख ग्रामीणों में भय व्याप्त है. इस ओर न तो अबतक जिला प्रशासन का ध्यान गया है न ही जल विभाग का ही. यदि समय रहते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस ओर कोई पहल नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं कि प्रखंड के घुरना चकचकी गांव की तरह बारहमसिया गांव का भी महानंदा के गर्भ में न समा जाए.इतना ही नहीं करोड़ों की लागत से बने बगलबाड़ी से कुट्टी जानेवाली प्रधानमंत्री सड़क को भी महानन्दा की चपेट में है.साथ ही अरबों की लागत से बने नव निर्मित सेंट्रल पॉवर ग्रीड भी महानन्दा के कटाव दूर नहीं है.
पीड़ित ग्रामीण बिपीन चन्द्र घोष, केशव चन्द्र घोष,अतुल चन्द्र घोष,जगन्नाथ घोष,गोपाल कृष्ण घोष, देव जीत घोष,रोहिन्द्र घोष, सुरेंद्र घोष सहित अन्य लोगों का कहना है कि पिछले दिनों क्षेत्र में आयी बाढ़ ने सारे अरमान को बहा ले गया है,लेकिन बाढ़ के दौरान महानन्दा नदी भी धार को बदल लिया है. जिस कारण गांव के लोगों का लगभग सौ एकड़ धान लगा खेत नदी में लील हो चुका है. लोग राजा से रंक बन गया है.पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के विभिषिका से पहले महानन्दा नदी गांव से लगभग एक किमी पूरब था लेकिन अब गांव के करीब पहुंच चुका है.ग्रमीणों को ऐसे उद्धारक की तलाश है जो उनके गांव को तथा उनके बचे उपजाऊ जमीन को महानन्दा के कटाव के दंश से बचा सके. ग्रमीणों ने जिला प्रशासन व जल निस्सरण विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए तत्काल कटाव निरोधक कार्य की मांग की है.
